के पी सिंह लखनऊ में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस प्रमुखों के साथ की गई बैठक कर्मकांडी रही जिससे जमीनी स्तर पर वातावरण सुधरने की स्थिति जनमानस को नजर आयेगी इसके आसार बहुत कम हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने …
Read More »जुबिली डिबेट
मुखौटा नहीं मूल्य है धर्मनिरपेक्षता
अशोक माथुर भाजपा लगातार कहती रही है कि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता “छद्म धर्मनिरपेक्षता” है और वह ही सकारात्मक धर्मनिरपेक्षता लाएगी। आज के दौर में धर्मनिरपेक्षता का मर्म समझा जाना जरूरी है। विभिन्न समुदायों के बीच सौहार्द की गारंटी की बात संविधान की प्रस्तावना में भी उल्लिखित है। धर्मनिरपेक्षता केवल अल्पसंख्यकों …
Read More »कठुआ, टप्पल, सुप्रीम कोर्ट और ग़ालिब का शेर
उत्कर्ष सिन्हा पिन्हां था दाम-ए-सख़्त क़रीब आशियान के उड़ने न पाए थे कि गिरफ़्तार हम हुए यानी “घर के पास ही जंजीरें छिपी हुई थीं, जिससे हम उड़ने से पहले ही उनमें फंसकर बंदी बन गए.’ मिर्ज़ा ग़ालिब का ये शेर उस फैसले की पहली लाइने हैं , जो कठुआ में …
Read More »अब उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ योगी का वन मैन शो
के पी सिंह लोकसभा चुनाव से फारिग होते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में आ गये हैं। प्रशासन को नई रफ्तार देने के लिए उन्होंने अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें शुरू कर दी हैं। दो वर्ष पहले जब उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली थी, उस समय भी …
Read More »एक चुनाव खत्म हुआ, दूसरे की तैयारी शुरू
रतन मणि लाल उत्तर प्रदेश में एक चुनाव से दूसरे चुनाव के बीच के समय में की जाने वाली गतिविधि को सरकार चलाना कहा जाता है. यह स्थिति कोई इसी प्रदेश में हो ऐसा भी नहीं है. लगभग सभी राज्य ऐसे ही कैलेंडर से बंधे हुए हैं, लेकिन चुनाव का …
Read More »सेलेक्टिव संवेदना घातक है एक सभ्य समाज के लिए !
मनीष जैसल 3 साल की बच्ची ट्विंकल जो इस दौर में हमारी आपकी या किसी की भी बहन बेटी हो सकती है, उसका बलात्कार एक ऐसे देश में हो गया जो अपनी सभ्यता और संस्कृति के लिए दुनियां भर में सराहा जाता है। दरअसल यह इस देश में पहली घटना …
Read More »यह मौत उस मौत से ज्यादा दर्द देती है मुझे
शबाहत हुसैन विजेता एक मासूम बच्ची, एक फूल जैसी बच्ची, जिसने स्कूल के बस्ते का बोझ भी नहीं जाना, जिसने मज़हब नाम के इंसानी फर्क की तमीज़ नहीं सीखी, जिसने रिश्तों के मायने भी नहीं जाने उसे बेरहमी से क़त्ल कर दिया गया। उसे मार देने की वजह कागज़ के …
Read More »सामाजिक पतन का कारण है व्यवस्था तंत्र की विकृतियां
डा. रवीन्द्र अरजरिया उत्तर प्रदेश के अलीगढ में हुई मासूम की निर्मम हत्या से पूरा देश आक्रोशित हो उठा। चारों ओर से निंदा की जाने लगी। अपराधियों को कठोर दण्ड दिये जाने की मांग का स्वर तीव्र होने लगा। योगी सरकार का पूर्ण नियंत्रण का दावा खोखला साबित हुआ। जांच …
Read More »नरेंद्र तोमर का कद बढ़ाकर राजनाथ सिंह को क्या सन्देश दे रहे हैं अमित शाह
केपी सिंह कैबिनेट समितियों के गठन के मामले में सरकार की अंदरूनी उठापटक सतह पर आ गयी है। लोकसभा के चुनाव जिस तरह से मोदी के नाम पर हुए उसके बाद भाजपा के अंदर से उन्हें चुनौती मिलने की किसी तरह की गुजाइश बची नहीं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र …
Read More »अमित शाह के बढ़ते दबदबे के बीच क्या करेंगे राजनाथ!
उत्कर्ष सिन्हा बात सन 2014 की है जब भाजपा नरेंद्र मोदी को अपने संसदीय दल का नेता चुन रही थी। उस वक़्त से कुछ पहले तक प्रधानमंत्री पद के एक दावेदार राजनाथ सिंह तब नरेंद्र मोदी के पक्ष में खड़े हो गए थे। खिलाफ थी तो सिर्फ सुषमा स्वराज। उन्होंने तब कहा था …
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