जुबिली न्यूज डेस्क
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स-III के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें पद के दुरुपयोग (misconduct in public office) के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी उनके 66वें जन्मदिन के दिन हुई।

मामले की पृष्ठभूमि
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते सप्ताह थेम्स वैली पुलिस को एंड्रयू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एंड्रयू ने ट्रेड राजदूत के पद का दुरुपयोग करते हुए अमेरिकी एपस्टीन फाइल्स से जुड़े संवेदनशील बिजनेस डॉक्यूमेंट साझा किए। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्राओं और संबंधित जानकारी गुप्त रखनी होती है, चाहे वे उस पद पर कार्यरत न भी हों।साल 2010 से 2015 तक बोर्ड ऑफ ट्रेड के प्रेसिडेंट रहे विंस केबल ने भी एंड्रयू पर ट्रेड राजदूत के पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगाए थे।
एपस्टीन फाइल्स और आरोप
एंड्रयू का नाम एपस्टीन फाइल्स में भी सामने आया था। एक महिला ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने उसे एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए ब्रिटेन से तस्करी की। महिला का दावा है कि एंड्रयू ने ब्रिटेन के व्यापार दूत के रूप में संवेदनशील जानकारी साझा की। हालांकि एंड्रयू लगातार इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं।
एपस्टीन फाइल्स में कई अन्य प्रमुख हस्तियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप, एलन मस्क, बिल गेट्स, माइकल जैक्सन, मिक जैगर, केविन स्पेसी, एहुद बाराक, लैरी समर्स, बिल रिचर्डसन, लेस वेक्सनर, नोम चॉम्स्की और स्टीफन हॉकिंग शामिल हैं।
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रॉयल पद से वंचित
बीते साल ही लंबे जांच के बाद एंड्रयू को उनकी प्रिंस उपाधि से भी वंचित कर दिया गया था और उन्हें रॉयल लॉज खाली करना पड़ा। अब उन्हें केवल एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर के नाम से ही जाना जाएगा।थेम्स वैली पुलिस ने कहा है कि मामले में आपराधिक जांच जारी है और कानूनी प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है।
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