Thursday - 15 January 2026 - 9:30 PM

BMC एग्जिट पोल: ठाकरे ब्रदर्स को घर में झटका, BJP-शिंदे अलायंस आगे

जुबिली स्पेशल डेस्क

मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव के एग्ज़िट पोल सामने आ चुके हैं और संकेत बेहद स्पष्ट हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि बीजेपी-शिंदे गुट का महायुति गठबंधन ज़बरदस्त जीत की ओर बढ़ रहा है, जबकि ठाकरे ब्रदर्स को अपने ही गढ़ में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है।

सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले Axis My India के एग्ज़िट पोल के मुताबिक, यूपी-बिहार के लोगों को ‘बाहरी’ बताकर निशाना बनाने की राजनीति ठाकरे ब्रदर्स पर भारी पड़ गई है। न तो उन्हें मराठी समाज का पूरा समर्थन मिला और न ही उत्तर भारतीय व अन्य राज्यों के मतदाताओं का भरोसा। इसके उलट, इन वर्गों का एकतरफा झुकाव बीजेपी के पक्ष में देखने को मिला है।

उत्तर भारतीय वोटों का स्पष्ट ध्रुवीकरण

एग्ज़िट पोल के आंकड़े साफ गवाही दे रहे हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की उत्तर भारतीय-विरोधी राजनीति उलटी पड़ गई।

आंकड़ों के मुताबिक, 68% उत्तर भारतीय मतदाताओं ने बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को वोट दिया, जबकि ठाकरे ब्रदर्स के गठबंधन को केवल 19% वोट मिले।

यह दर्शाता है कि यूपी-बिहार के मतदाता एकजुट होकर उस राजनीतिक दल के साथ खड़े हुए, जिसने उन्हें सुरक्षा और सम्मान का भरोसा दिया। ‘गाली’ और ‘बाहरी’ जैसे शब्दों की राजनीति ने इस वोट बैंक को पूरी तरह बीजेपी की ओर धकेल दिया।

दक्षिण भारतीयों का भी बीजेपी पर भरोसा

सिर्फ उत्तर भारतीय ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारतीय समुदाय ने भी मुंबई के विकास को प्राथमिकता देते हुए बीजेपी गठबंधन पर भरोसा जताया है।
एग्ज़िट पोल के अनुसार, 61% दक्षिण भारतीय वोट बीजेपी अलायंस को मिले, जबकि उद्धव ठाकरे गुट को महज़ 21% समर्थन मिला।
यह संकेत है कि मुंबई का कॉस्मोपॉलिटन मतदाता अब क्षेत्रीय अस्मिता की राजनीति से आगे बढ़कर विकास और स्थिरता के एजेंडे को तरजीह दे रहा है।

मुस्लिम वोटों का बंटवारा

उद्धव ठाकरे ने अपनी छवि को बदलते हुए सेक्युलर वोटरों को साधने की कोशिश ज़रूर की, लेकिन वह जीत सुनिश्चित करने के लिए नाकाफी साबित होती दिख रही है। एग्ज़िट पोल के मुताबिक, 41% मुस्लिम वोट कांग्रेस गठबंधन को मिले, जबकि 28% वोट उद्धव ठाकरे गुट के खाते में गए। मुस्लिम वोटों का यह बंटवारा बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हुआ। उद्धव ठाकरे को अल्पसंख्यक समर्थन तो मिला, लेकिन इसकी कीमत उन्हें अपने कोर हिंदुत्ववादी मराठी वोटर गंवाकर चुकानी पड़ी, जो बड़ी संख्या में बीजेपी की ओर शिफ्ट हो गया।

बदला हुआ मुंबई का सियासी गणित

इस एग्ज़िट पोल का सबसे बड़ा संदेश यह है कि मुंबई अब बाल ठाकरे के दौर वाली भावनात्मक राजनीति से आगे निकल चुकी है। यूपी-बिहार के लोगों को निशाना बनाने की रणनीति पूरी तरह विफल रही।
आज यह वर्ग ‘किंगमेकर’ की भूमिका में उभर चुका है और उसने बीजेपी को सत्ता की चाबी सौंपने का मन बना लिया है।
मराठी वोटों का करीब 30% बीजेपी के खाते में जाना इस बात का संकेत है कि अब ‘ठाकरे ब्रांड’ मराठी मानुस का एकमात्र प्रतिनिधि नहीं रहा।

अगर ये एग्ज़िट पोल नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह मुंबई की राजनीति में एक युग के अंत और बीजेपी के नए सियासी किले के उदय की शुरुआत मानी जाएगी।

Radio_Prabhat
English

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com