ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति का बड़ा फैसला, 74 सालों में जो नहीं हुआ अब होगा

जुबिली न्यूज डेस्क

ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति मा यिंग-जेउ ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है। मा यिंग-जेउ अगले हफ्ते कुछ ऐसा करने जा रहे हैं जो पिछले 74 सालों में पहले कभी नहीं हुआ है।

मा यिंग-जेउ ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति हैं। 2008 से 2016 तक मा यिंग-जेउ ताइवान के राष्ट्रपति रह हैं। हाल ही में उन्होंने कुछ ऐसा करने का फैसला लिया है जो 74 सालों में पहले कभी नहीं हुआ है। ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति अगले हफ्ते चीन का दौरा करने जा रहे हैं। उनका यह दौरा 27 मार्च से 7 अप्रैल तक होगा। इस दौरान वह चीन के नानजिंग, वुहान, चांग्शा, चोंगकिंग और शंघाई शहरों का दौरा करेंगे। मा यिंग-जेउ के इस चीन दौरे की जानकारी हाल ही में उनके ऑफिस की तरफ से शेयर की गई है।

74 सालों में जो नहीं हुआ अगले हफ्ते होगा

ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति मा यिंग-जेउ का चीन दौरा 74 सालों में पहला ऐसा मौका होगा जब ताइवान का कोई वर्तमान या पूर्व लीडर चीन का दौरा करेगा। चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। इसके बाद से ताइवान के किसी भी वर्तमान या पूर्व लीडर ने अब तक चीन का दौरा नहीं किया है पर इस ट्रेंड को मा यिंग-जेउ अब तोड़ने जा रहे हैं।

चीन के रहे हैं समर्थक

ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति मा यिंग-जेउ लंबे समय से चीन के समर्थक रहे हैं। ऐसे में उनका आगामी चीन दौरा किसी के लिए हैरानी की बात नहीं है। हालांकि उनके इस दौरे से ताइवान के कई आधिकारिक लोग खुश नहीं हैं। दोनों देशों के अलग होने के बाद भी चीन हमेशा ही ताइवान पर अपना अधिकार जताता रहा है।

वर्तमान राष्ट्रपति साई इंग-वेन खुश नहीं

हालांकि ताइवान हमेशा से ही खुद को एक स्वतंत्र देश मानता रहा है। इस वजह से दोनों देशों के संबंध हमेशा कड़वे ही रहे हैं। पिछले कुछ साल में अमरीका के ताइवान को समर्थन देने से ये संबंध और भी बिगड़े हैं। ऐसे में ताइवान के पूर्व राष्ट्रपति मा यिंग-जेउ के आगामी चीन दौरे से ताइवान की वर्तमान राष्ट्रपति साई इंग-वेन भी खुश नहीं हैं।

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