Bengal Election: AIMIM ने तोड़ा AJUP से नाता, हुमायूं कबीर के ‘वायरल वीडियो’ पर मचा बवाल

- ओवैसी की पार्टी का बड़ा फैसला: “अब अकेले लड़ेंगे चुनाव”
शुक्रवार सुबह AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक घोषणा करते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के साथ चुनावी गठबंधन खत्म कर दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कबीर से जुड़े हालिया खुलासों के बाद वे मुसलमानों की ईमानदारी पर उठने वाले किसी भी सवाल के साथ खड़े नहीं हो सकते।
AIMIM के बयान के मुख्य बिंदु
- बंगाल के मुसलमान उपेक्षित और शोषित हैं, उनके लिए दशकों से कुछ नहीं किया गया।
- AIMIM का लक्ष्य हाशिए पर पड़े समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज देना है।
- पार्टी अब बंगाल में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी।
है वायरल वीडियो विवाद?
गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पूर्व टीएमसी नेता और वर्तमान AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर को लेकर गंभीर दावे किए गए थे।
TMC की मांग: ED करे जांच
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस वीडियो को मुद्दा बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग की है। टीएमसी का कहना है कि वीडियो में किए गए दावों की सच्चाई सामने आनी चाहिए और कबीर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हुमायूं कबीर की सफाई: “यह AI-जेनरेटेड फेक वीडियो है”
विवाद बढ़ता देख हुमायूं कबीर ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने इस वीडियो को पूरी तरह से फर्जी और AI-जेनरेटेड करार दिया है।
कबीर के बचाव में दिए गए तर्क
- बदनाम करने की साजिश: कबीर ने आरोप लगाया कि टीएमसी मुसलमानों के वोट खोने के डर से उन्हें बदनाम करने के लिए ‘डीपफेक’ तकनीक का सहारा ले रही है।
- कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और फिरहाद हकीम सहित कई बड़े नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है।
- चुनौती: कबीर ने टीएमसी को चुनौती दी है कि वे उस स्थान और समय का सबूत पेश करें जहां यह कथित मुलाकात हुई थी।
हुमायूं कबीर का राजनीतिक सफर: एक नजर में
हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल के प्रभावशाली मुस्लिम नेताओं में गिने जाते हैं। उनके अब तक के सफर पर एक नजर:
- TMC से निलंबन: पिछले साल के अंत में टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।
- नई पार्टी का गठन: निलंबन के कुछ दिनों बाद उन्होंने ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) बनाई।
- ओवैसी के साथ हाथ मिलाया: चुनाव के मद्देनजर उन्होंने AIMIM के साथ गठबंधन किया था, जो अब टूट चुका है।
निष्कर्ष और चुनावी प्रभाव
बंगाल चुनाव में AIMIM का अकेले लड़ने का फैसला समीकरणों को बदल सकता है। जहां टीएमसी इसे विपक्षी वोटों के ध्रुवीकरण के रूप में देख रही है, वहीं ओवैसी की पार्टी अब बिना किसी क्षेत्रीय साथी के अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। वायरल वीडियो की सच्चाई अब जांच का विषय है, लेकिन इसने बंगाल की चुनावी लड़ाई को और भी दिलचस्प बना दिया है।

