बरगी बांध हादसा: सैर-सपाटा मातम में बदला, तेज तूफान ने पलटा पर्यटकों से भरा क्रूज; 4 की मौत
जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में गुरुवार की शाम एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। सुहाने मौसम का लुत्फ उठाने बरगी बांध पहुंचे सैलानियों के लिए उस वक्त स्थिति भयावह हो गई, जब एमपी टूरिज्म (MPT) का एक क्रूज बीच लहरों में अनियंत्रित होकर जलमग्न हो गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 4 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
कुदरत का कहर: आंधी-तूफान बना काल
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, शाम के वक्त जब क्रूज नर्मदा के गहरे बैकवॉटर में था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। तेज आंधी और पानी की ऊंची लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि चालक कुछ समझ पाता, क्रूज देखते ही देखते पानी में समा गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें
- सवारियों की संख्या: हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 35 से 40 पर्यटक सवार थे।
- राहत कार्य: NDRF और SDRF की टीमें मौके पर मौजूद हैं। अब तक 15 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
- प्रशासनिक मुस्तैदी: जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और CSP अंजुल अयक मिश्रा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
“हमारी पहली प्राथमिकता लापता लोगों को सुरक्षित ढूंढना है। रेस्क्यू टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं और घायलों को तत्काल इलाज मुहैया कराया जा रहा है।” — प्रशासनिक अधिकारी
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल?
मध्य प्रदेश पर्यटन निगम (MPT) द्वारा संचालित इस क्रूज के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अब सुरक्षा मानकों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तूफान इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। फिलहाल, घायलों का नजदीकी अस्पतालों में उपचार जारी है और पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर डटा हुआ है।
क्या है ताजा स्थिति?
जबलपुर के बरगी बांध पर अभी भी अफरा-तफरी का माहौल है। लापता लोगों के परिजन अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। गोताखोरों की मदद से पानी के अंदर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि शेष लोगों का पता लगाया जा सके।

