IPL की टाइटल स्पॉन्सरशिप की दौड़ में शामिल हुई पंतजलि

जुबिली न्‍यूज डेस्‍क

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के टाइटल स्पॉन्सर की दौड़ में एक और कंपनी का नाम सामने आ रहा है। चीनी मोबाइल कंपनी वीवो (VIVO) के इस साल के लिए टाइटल स्पॉन्सर से हटने के बाद योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पंतजलि भी इस दौड़ में शामिल हो गई है। कंपनी की ओर से इस बात की पुष्टि भी हो गई है।

पंतजलि के प्रवक्ता एसके तिजारावाला ने इस बात की पुष्टि भी की है। तिजारावाला ने कहा, ‘हम इस साल आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सरशिप के बारे में सोच रहे हैं, क्योंकि हम पतंजलि ब्रांड को एक वैश्विक मंच पर ले जाना चाहते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इसके लिए एक प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

बाजार के जानकार हालांकि इस बात को मानते हैं कि एक चीनी कंपनी के विकल्प के दौर पर एक राष्ट्रीय ब्रांड के तौर पर पंतजलि का दावा बहुत मजबूत है लेकिन उनका यह भी मानना है कि उसमें एक मल्टीनैशनल ब्रांड के तौर पर स्टार पावर की कमी है।

भारत और चीन के बीच तनाव के चलते चीनी मोबाइल फोन निर्माता कंपनी वीवो ने इस साल टाइटल स्पॉन्सरशिप से हटने का फैसला किया था। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने भी इस पर मुहर लगा दी थी। वीवो टाइटल स्पॉन्सशिप के लिए हर साल बीसीसीआई को 440 करोड़ रुपये का भुगतान करता है। कोरोना वायरस के चलते इस समय बाजार की हालत बहुत अच्छी नहीं है इसलिए बोर्ड भी समझता है कि एक साल के लिए कोई नई कंपनी शायद वीवो जितना ही भुगतान न करे।

Patanjali plays Swadesh card, no sponsorship for IPL | | InsideSport

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आईपीएल का 13वां संस्करण भारत में तो आयोजित होना मुश्किरल है। देश में कोविड- 19 के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस घातक वायरस का संक्रमण दिनों दिन तेजी से फैल रहा है। ऐसे में जब तक हालात काबू में नहीं आते तब तक देश में किसी भी तरह के खेल आयोजनों को मंजूरी मिलना संभव नहीं है। ऐसे में बीसीसीआई इस लीग को यूएई में आयोजित करने का मन बना रहा है।

फटाफट क्रिकेट का प्रारूप लोगों के मनोरंजन के लिए ही तैयार किया गया था। लेकिन इस बार मौजूदा हालात को देखते हुए यह तय है कि यह लीग दर्शकों बिना ही आयोजित होगी। स्टेडियम में दर्शकों को आने की इजाजत नहीं होगी। फैन्स टीवी पर ही इसका लुत्फ ले सकेंगे। हालांकि आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के बृजेश पटेल ने कहा कि हम यूएई सरकार की गाइडलाइन्स को देखेंगे कि दर्शकों के आने की गुंजाइश है या नहीं लेकिन अगर इसकी इजाजत नहीं भी होगी तो भी फ्रैंचाइजियां बगैर दर्शकों के खेलने को तैयार हैं।

टी20 फॉर्मेट में खासतौर से लीग क्रिकेट में चौके-छक्के बरसने पर या फिर विकेट गिरने पर टीम और फैन्स का उत्साह बढ़ाने कि लिए बाउंड्री लाइन के बाहर चीयरलीडर्स डांस करती नजर आती हैं। लेकिन इस बार कोविड- 19 की गाइडलाइन्स में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है और मैदान पर दर्शक भी नहीं होंगे तो यह भी तय लग रहा है कि चीयरलीडर्स के बिना ही यह लीग खेली जाएगी।

आईपीएल का रोमांच बढ़ाने के मकसद से इस लीग में एक पारी में दो-दो स्ट्रैटिजिक टाइम आउट ब्रैक लिए जाते थे। इस दौरान ढाई मिनट खेल को रोका जाता था और टीम मैनेजमेंट मैच की जरूरी रणनीति पर खिलाड़ियों से चर्चा करने मैदान पर आती थी। मैच की दोनों पारियों में ऐसे कुल 4 ब्रैक लिए जाते थे। लेकिन इससे सोशल डिस्टेंसिंग को खतरा हो सकता है। ऐसे में यह भी संभव है कि इस बार स्ट्रैटिजिक टाइम आउट के ब्रैक भी दिखाई नहीं देंगे।

लीग का एक रोमांचक पहलू यह भी होता था कि जिस शहर में यह मैच आयोजित होता था। कोई एक स्पॉन्सर एक फैन को सुपरफैन के रूप में चुनते थे। इस फैन को स्पेशल बॉक्स में मैच देखने का मौका मिलता था और मैच खत्म होने के बाद विनिंग कैप्टन मैच में इस्तेमाल की गई गेंद पर अपने ऑटोग्राफ देकर यह गेंद इस फैन को सौंपता था। लेकिन इस बार यह भी शायद दिखाई न दे।

खेल को रोमांचक बनाने के नजरिए से अभी तक इस लीग में माइक्रोफोन के जरिए कॉमेंटेटर फील्डिंग टीम के किसी एक खिलाड़ी से मैच के दौरान ही मैच की मौजूदा स्थिति और टीम की रणनीति पर बात करते थे। लेकिन इससे भी जैव-सुरक्षा को खतरा हो सकता है, तो यह भी संभव है कि इस बार आईपीएल में यह लाइव चैट होती भी न दिखे। इसके अलावा टॉस और मैच प्रेजेंटेशन में माइक का इस्तेमाल देखने को संभवत: नहीं मिलेगा और दोनों कप्तान स्पाइ कैमरा पर अपने-अपने विचार रखते हुए दिखाई देंगे।

मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ी एक दूसरे से हाथ मिलाते दिखते थे और मैच के बाद हारने वाली टीम विजेता टीम को हाथ मिलाकर जीत की बधाई देती दिखती थी। लेकिन जैव सुरक्षा के माहौल को बनाए रखने के लिए खिलाड़ी ऐसा भी करते दिखाई नहीं देंगे।

बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली ने शनिवार को लर्नफ्लिक्स ऐप की ओर से आयोजित एक वेबिनार में कहा, ‘मैं इसे वित्तीय संकट नहीं कहूंगा। यह एक छोटी सी बात है, जो अचानक हुई। केवल एक ही तरीका है कि आप इसका सामना कर सकते हैं कि पेशेवर रूप से मजबूत बने रहें। बड़ी चीजें रात भर में नहीं आती हैं और ना ही केवल रात भर चलती हैं। लंबे समय तक की गई आपकी तैयारी ही नुकसान से बचाती है, जिससे आप सफलताओं के लिए तैयार हो जाते हैं।’

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