बजट सत्र की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा- हुड़दंगी सांसदों को दी नसीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले संबोधित किया है. पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत राम-राम से की और अंत में भी उन्होंने सभी से राम-राम कहा. पीएम ने ‘आदतन हुड़दंगी’ सांसदों को नसीहत भी दी. पीएम का कहना था कि लोकतंत्र का ‘चीरहरण’ करने वाले सांसदों को आने वाले दिनों में आत्मनिरीक्षण करना चाहिए. पीएम ने कहा, नई सरकार के बाद पूर्ण बजट लेकर आएंगे. पूर्ण बजट भी हम ही लाएंगे.

पीएम मोदी ने कहा, आशा करता हूं कि पिछले 10 साल में जिसको जो रास्ता सूझा, वैसा संसद में अपना-अपना काम किया. जिनको आदतन हुडदंग का स्वभाव बन गया है. आदतन लोकतांत्रिक मूल्यों का चीर हरण करते हैं, वैसे सांसद इस आखिरी संत्र में जरूर आत्म निरीक्षण करेंगे, वे संसद के आखिरी सत्र में होंगे. ये बजट सत्र पश्चाताप का भी अवसर है, इसको जाने मत दीजिए.

उन्होंने कहा, मैं इतना जरूर कहूंगा कि जिनका आदतन हुड़दंग करने का स्वभाव बन गया है, जो आदतन लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हैं, ऐसे सभी माननीय सांसद आज जब आखिरी सत्र में मिल रहे हैं, तब जरूर आत्मनिरीक्षण करेंगे कि 10 साल में उन्होंने जो किया, अपने संसदीय क्षेत्र में भी 100 लोगों से पूछ लें. किसी को याद नहीं होगा कि जिन्होंने इतना हुड़दंग किया. मैं मानता हूं कि एक बड़ा वर्ग लोकतंत्र प्रेमी उस व्यवहार की सराहना करेंगे, जिन्होंने सकारात्मक होकर सरकार की तीखी आलोचना की.

पीएम मोदी ने कहा, इस नए संसद भवन में आयोजित पहले सत्र के अंत में संसद ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय लिया और वह निर्णय था- ‘नारीशक्ति वंदन अधिनियम.’ 26 जनवरी को हमने देखा कि कैसे देश ने नारी शक्ति के शौर्य, पराक्रम और संकल्प को अनुभव किया. बजट सत्र की शुरुआत में आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी का मार्गदर्शन  और कल (गुरुवार) निर्मला सीतारमण जी द्वारा अंतरिम बजट पेश किया जाएगा. एक प्रकार से यह नारी शक्ति के अहसास का पर्व है.

पीएम का कहना था कि विरोध का स्वर तीखा क्यों न हो, लेकिन जिसने सदन में उत्तम विचारों का लाभान्वित किया होगा, उनको बड़ा वर्ग याद करता होगा. आने वाले दिनों में भी जब सदन की चर्चाएं कोई देखेगा तो एक एक शब्द इतिहास की तारीख बनकर उजागर होगा.

इसिलिए जिन्होंने विरोध किया हो, बुद्धि प्रतिभाओं का दर्शन कराया होगा. हमारे खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया की होगी, उसके बावजूद मैं मानता हूं कि बहुत बड़ा वर्ग लोकतंत्र प्रेमी सभी लोग इस व्यवहार की सराहना करते हैं. लेकिन जिन्होंने सिर्फ नकारात्मकता, हुड़दंग किया होगा, उनको शायद ही कोई याद करे.

बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी बजट सत्र है. सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर बयान दिया.

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