नागपुर: जनगणना ड्यूटी से इनकार करने वाले 10 शिक्षकों पर FIR

नागपुर: राष्ट्रीय जनगणना 2026-27 के महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरतना नागपुर के कुछ शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मचारियों को भारी पड़ गया है। नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने सख्त रुख अपनाते हुए जनगणना ड्यूटी से इनकार करने वाले 10 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग और सरकारी कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, आगामी राष्ट्रीय जनगणना के सुचारू संचालन के लिए नगर निगम द्वारा पर्यवेक्षकों (Observers) और प्रगणकों (Enumerators) की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, नियुक्त किए गए कुछ शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों ने अपने नियुक्ति आदेश स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया और कार्य पर उपस्थित नहीं हुए।
पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज
इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए, नागपुर नगर निगम के सतरंजीपुरा जोन (क्रमांक-7) के सहायक आयुक्त एवं चार्ज ऑफिसर ने सोमवार को यशोधरा नगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत के आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कानूनी प्रावधान: क्यों अनिवार्य है जनगणना ड्यूटी?
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक राष्ट्रीय कर्तव्य है और इससे पीछे हटना कानूनन अपराध है।
- RTE एक्ट 2009 (धारा 27): शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 27 के तहत शिक्षकों को जनगणना, आपदा राहत और चुनाव जैसे राष्ट्रीय कार्यों में तैनात करना पूरी तरह अनिवार्य और कानूनी है।
- केंद्रीय निर्देश: केंद्रीय गृह मंत्रालय और महाराष्ट्र राज्य जनगणना निदेशालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि इस कार्य के लिए शैक्षणिक स्टाफ का सहयोग लिया जाए।
इन धाराओं के तहत होगी कार्रवाई
जिम्मेदारी से बचने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित धाराओं का सहारा लिया है:
- जनगणना अधिनियम 1948 (धारा 11): सरकारी आदेश की अवहेलना करने पर दंडात्मक कार्रवाई।
- भारतीय न्याय संहिता (IPC) धारा 187: लोक सेवक की सहायता करने से इनकार करना, जब कानूनन सहायता मांगी गई हो।
विशेष निर्देश: नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता पुरुषोत्तम कांठवार को पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
लापरवाही पड़ेगी महंगी
नागपुर महानगरपालिका ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में कुछ और कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है, जो आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।

