वर्ल्ड बैंक की MD और CFO बनी ये भारतीय महिला

न्यूज डेस्क

इसमें कोई दो राय नहीं की भारतियों का दबदबा दुनिया में बढ़ रहा है। फिर चाहे वो वर्ल्ड के शीर्ष संस्थानों में स्थान पाना हो या दुनिया की राजनीति। हर जगह भारतीय अपनी छाप छोड़ रहे है। इस कड़ी में एसबीआई की एमडी अंशुला कांत का नाम भी शुमार हो गया है। अंशुला कांत को वर्ल्ड बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर बनाया गया है। इस बात की घोषणा विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने की है।

उन्होंने कहा कि अंशुला कांत के रूप में विश्व की सर्वोच्च बैंकिंग संस्था को अच्छी शख्सियत मिली है। उनके आने से न केवल बैंक को फायदा होगा बल्कि दुनिया के दूसरे देशों को भी लाभ मिलेगा।

बैंकिंग सेक्टर में 35 वर्ष का अनुभव

डेविड मालपास ने बताया कि बैंकिंग और वित्त विभाग में अंशुला कांत के पास 35 वर्ष का लंबा अनुभव है। उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीएफओ के पद पर रहते हुए बेहतर योगदान दिया है। इसके अलावा उन्हें बैंकिंग सेवा में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के लिए भी जाना जाता है।

वर्ल्ड बैंक में उनका स्वागत करते हुए मल्पास ने कहा मेरी टीम उनके साथ काम करने के लिए तैयार हैं। हम सभी उनके साथ मिलकर बेहतर नतीजे हांसिल करने में मदद करेंगे. मल्पास के अनुसार सीएफओ कांत रिस्क मैनेजमेंट और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के मामले में वर्ल्ड बैंक सीईओ के साथ मिलकर काम करेंगी।

कौन हैं अंशुला कांत?

बता दें कि जमशेदपुर की अंशुला कांत लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वुमन से इकोनॉमिक ऑनर्स में ग्रेजुएट हैं। साथ ही उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हांसिल की है। उन्हें 6 सितंबर, 2018 को SBI का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया। इससे पहले वो एसबीआई की डिप्टी एमडी एवं सीएफओ के पद पर कार्यरत थीं। अंशुला कांत का कार्यकाल 30 सितंबर, 2020 तक रहेगा।

ये भी पढ़े :अलगाववादियों के बंद के चलते एक बार फिर रोकी गई अमरनाथ यात्रा

Related Articles

Back to top button