आनंद मोहन ने बिहार सरकार से कहा, रोज़-रोज़ के टार्चर से बेहतर गोली मरवा दीजिये

जुबिली न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली. बिहार में गोपालगंज जिले के डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के इल्जाम में पिछले साढ़े 14 साल से जेल में बंद पूर्व बाहुबली सांसद आनंद मोहन अपनी बैरक में की गई छापेमारी और वहां से मोबाइल फोन बरामद होने के बाद से बहुत नाराज़ हैं. सहरसा जेल में बंद आनंद मोहन ने कहा है कि फर्जी तरीके से उनकी बैरक से मोबाइल फोन बरामद किया गया. सरकार उन्हें परेशान करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे इस्तेमाल कर रही है. इससे तो बेहतर है कि सीधे मेरी छाती में गोली मारकर मेरी हत्या करा दे.

आनंद मोहन ने सरकार से कहा है कि जेल आपकी है, ज़हर खिलवा दीजिये और फुर्सत पा लीजिये. अभी हाल में बिहार की दो विधानसभा सीटों तारापुर और कुशेश्वरस्थान में चुनाव हुआ था. इस चुनाव के दौरान सहरसा जेल की उस बैरक में छापा मारकर मोबाइल फोन बरामद दिखाया गया था जिसमें आनंद मोहन बंद हैं. आनंद मोहन पर इल्जाम है कि मोबाइल फोन के ज़रिये वह मतदाताओं को प्रभावित कर रहे थे.

आनंद मोहन ने पूछा है कि जब वह जेल में हैं तो उनके पास मोबाइल कैसे आ सकता है. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौर में साजिशन उनके साथ ऐसा किया गया. इसी तरह से 2020 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें सहरसा जेल से दूसरी जेल में रात दो बजे ट्रांसफर कर दिया गया. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब किसी भी जेल में किसी को भी ट्रांसफर नहीं किया जा रहा था तब उनकी जेल बदली गई.

आनंद मोहन ने कहा कि जेल मैनुअल स्पष्ट रूप से कहता है कि अगर किसी कैदी को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर किया जा रहा है तो उसका मेडिकल कराया जाना चाहिए लेकिन उनका मेडिकल भी नहीं कराया गया. अचानक से रात दो बजे उन्हें दूसरे जेल ट्रांसफर कर दिया गया और उनके परिवार को भी जानकारी नहीं दी गई.

आनंद मोहन ने कहा कि वह डीएम की हत्या के इल्जाम में वह जेल में हैं. 14 साल पांच महीने बीत चुके हैं. एक भी सबूत मेरे खिलाफ नहीं मिला है. सबको पता है कि मैं निर्दोष हूँ मगर जानबूझकर मुझे प्रताड़ित किया जा रहा है. मुझसे इतनी ही दिक्कत है तो रोज़-रोज़ का टार्चर बंद कीजिये और सीधे छाती पर गोली मरवा दीजिये.

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