जुबिली न्यूज डेस्क
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रयागराज के माघ मेले में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव की मूर्ति नहीं लग पाने पर योगी सरकार और अधिकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी नियम बदल रहे हैं तो वह भगवानों की मूर्तियां भी वहां लगाएँगे।

“जो चापलूसी बन रही है, वह किस नियम में है”
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा—“कई अधिकारी चापलूसी रोटी बनाने में लगे हैं, वह किस नियम में है? अगर अधिकारी या नियम बदल रहे हैं तो हम लोग सभी भगवानों की मूर्ति वहां लगाएंगे। साथ ही जो आयोजन कर रहे हैं, उनसे कहेंगे कि हमारे केदारेश्वर मंदिर की भी स्थापना वहां करें।”
ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर तंज
सपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय में आयोजित बाटी चोखा सहभोज कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम कार्यकर्ताओं के बीच मेल-जोल और सम्मान को बढ़ाता है।
इसके बाद उन्होंने बीजेपी के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर तंज कसा और कहा—“अभी तो वो विधायक बैठे-बैठे खा रहे थे। अगर वह विधायक सरकार के खिलाफ खड़े हो गए तो क्या होगा? सरकार के विधायक अगर उनके खिलाफ खड़े हो गए तो सरकार का क्या होगा?”
SIR प्रक्रिया और चुनाव क्रेडिबिलिटी पर हमला
अखिलेश यादव ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर भी हमला किया और कहा कि मुख्यमंत्री के बयान कि 4 करोड़ वोट उनके कट गए हैं, अब सामने आने वाले आंकड़े इसे चुनौती दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि—“इलेक्शन कमीशन और अधिकारियों को अपनी क्रेडिबिलिटी साबित करनी पड़ेगी। अगर आंकड़ों में फर्क आया तो चुनाव आयोग को यह सोचना होगा कि इंटेंसिव प्रोविजन का मतलब क्या है। टेक्नोलॉजी में कहीं किसी हेरा फेरी की तैयारी तो नहीं हो रही है, मुख्यमंत्री के इशारे पर कहीं बेईमानी की तैयारी तो नहीं हो रही।”
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अखिलेश यादव की यह टिप्पणी योगी सरकार और प्रशासन पर सीधे आरोप माने जा रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारी और चुनाव आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से काम करना होगा, वरना जनता के भरोसे पर सवाल उठ सकते हैं।
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