जुबिली न्यूज डेस्क
महेंद्रगढ़ हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। महेंद्रगढ़ जिले में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन के दौरान अजय चौटाला ने शासकों के खिलाफ तीखे और आक्रामक शब्दों का इस्तेमाल किया।

“शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाने” की बात
सभा को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि मौजूदा शासकों को सत्ता से हटाने के लिए जनता को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि“शासकों को गद्दी से खींचकर सड़कों पर दौड़ाकर पीटना पड़ेगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका का दिया उदाहरण
अजय चौटाला ने अपने भाषण में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के युवाओं ने आंदोलन कर सरकारों का तख्ता पलट दिया और शासकों को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत में भी इसी तरह के आंदोलन की जरूरत है ताकि “कुशासन” से छुटकारा पाया जा सके।
“शासकों को देश छोड़ने पर मजबूर करना होगा”
जेजेपी अध्यक्ष ने आगे कहा कि “इनको देश छोड़ने पर मजबूर करने का काम करना पड़ेगा। जैसा बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में हुआ, वैसा ही आंदोलन यहां होना चाहिए।”
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अजय चौटाला हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के बेटे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हरियाणा में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और युवा वर्ग को साधने की कोशिशें चल रही हैं।
विपक्ष का हमला, बयान को बताया भड़काऊ
अजय चौटाला के इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में इस तरह की भाषा हिंसा को बढ़ावा देने वाली है और यह संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
कानूनी कार्रवाई की संभावना
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान को लेकर चुनाव आयोग या कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियां संज्ञान ले सकती हैं, क्योंकि सार्वजनिक मंच से इस तरह के बयान सामाजिक तनाव को बढ़ा सकते हैं।
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