Agnipath Scheme:धूं-धूं कर जलीं ट्रेनें, सड़क से स्टेशनों तक बवाल ही बवाल…देखें-Videos

  • ‘अग्निपथ’ पर बिहार समेत देश के कई हिस्सों में उग्र विरोध
  • सासाराम में प्रदर्शनकारियों ने की पुलिस पर फायरिंग

जुबिली स्पेशल डेस्क

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने इंडियन आर्मी की तीनों सेनाओं में भर्ती को लेकर एक बड़ा एलान किया है। दरअसल सरकार ने अग्निपथ स्कीम की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत सरकार ने कुछ नियम तय किए है।

इस स्कीम में इंडियन आर्मी में चार साल के लिए भर्ती किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने इस स्कीम को लेकर कहा है कि सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और असम राइफल्स में होने वाली भर्ती में चार साल की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों को वरीयता दी जाएगी।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि इसको लेकर डिटेल प्लानिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि सरकार के इस नये एलान से कुछ लोग काफी नाराज है। इस स्कीम को लेकर बवाल मच गया है। इसका नतीजा ये रहा कि सरकार को इसमें बदलाव करने पर मजबूर होना पड़ा। मीडिया रिपोट्र्स की माने तो गुरुवार रात योजना में बड़ा बदलाव करते हुए युवाओं को राहत देने की कोशिश करते हुए रक्षा मंत्रालय ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती की अधिकतम आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 साल कर दी है।लेकिन इसके बावजूद विवाद थामना का नाम नहीं ले रहा है। उधर कई राजनीतिक दलों ने भी इस स्कीम को वापस लेने की मांग की है।

बिहार के मोतिहारी में अग्निपथ योजना जमकर हंगामा देखने को मिल रहा है। स्टेशन परिसर में तोड़फोड़ की खबर है। घोड़ासहन स्टेशन पर भी हंगामा हुआ है।

वही समस्तीपुर से रक्सौल जा रही 05525 सवारी गाड़ी को रोक दिया गया है। यहाँ भी आंदोलनकारियों ने स्टेशन पर जमकर हंगामा कटा है हालाँकि पुलिस के द्वारा समझाकर उन्हें स्टेशन से हटा दिया गया है। वही अग्निपथ योजना को लेकर हरियाणा में भी बवाल मच गया है। गुरुग्राम में धारा 144 लागू कर दी गई है।

 

राजस्थान के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और जयपुर-आगरा रेलवे ट्रैक पर जाम लगा दिया। आक्रोशित युवाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

बता दे इससे पहले देश में इस समय इसको लेकर जमकर विरोध हो रहा है। देश के कई राज्यों में सरकार की इस स्कीम को लेकर बवाल मच गया है। मोदी सरकार ने मंगलवार को इस स्कीम का ऐलान किया गया था और बुधवार सुबह ही बिहार के कई जिलों में छात्रों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया था और जमकर विरोध देखने को मिल रहा है।

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