खबर पर मुहर : महाराजगंज से लड़ेंगी पूर्व सांसद की बेटी सुप्रिया

 

कांग्रेस ने महाराजगंज लोकसभा सीट से तनुश्री त्रिपाठी का टिकट ही काट कर सुप्रिया श्रीनाते को अपना कैंडिडेट घोषित किया है। जुबली पोस्‍ट ने 14 मार्च का इस बात का खुलासा किया था  कि कांग्रेस महाराजगंज से सुप्रिया श्रीनेत को उम्‍मीदार बना सकती है, जिस पर पार्टी आलाकमान ने आज मुहर लग गई।

दरअसल, कांग्रेस ने अपनी 13वीं लिस्‍ट में यूपी के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री को पार्टी का उम्‍मीदवार बनाया, लेकिन इससे पहले शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) भी तनुश्री को इसी सीट से अपना उम्‍मीदवार घोषित कर चुकी है, जिसको लेकर विवाद हो गया। इसके बाद 12 घंटे के भीतर कांग्रेस ने दूसरी लिस्‍ट जारी कर पूर्व सांसद और वरिष्‍ठ नेता हर्षवर्धन के बेटी सुप्रिया श्रीनेत को महाराजगंज से उम्‍मीदवार बनाया है।

महाराजगंज सीट से टिकट मिलने के बाद सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि मुझे टिकट देने के लिए शुक्रिया। मेरे लिए दिवंगत पिता की राजनीति विरासत को जीवित रखना एक सम्मान की बात होगी। मैं सार्थक योगदान देने के लिए तत्पर हूं।

कौन हैं सुप्रिया श्रीनेत

सुप्रिया श्रीनेत पूर्व सांसद और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता स्व. हर्षवर्धन सिंह के बेटी हैं। स्व. हर्षवर्धन सिंह के निधन के बाद महाराजगंज से कांग्रेस का नेतृत्व बहुत कमजोर हो गया था। 1999 में हर्षवर्धन कांग्रेस में शामिल हुए थे। 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर वह चुनाव हार गए थे, लेकिन कई सालों बाद पहला मौका था जब हार के बावजदू कांग्रेस को करीब दो लाख वोट हासिल हुए थे। उसके बाद 2009 के चुनाव में हर्षवर्धन रिकार्ड करीब ढाई लाख वोटों से चुनाव जीतने में कामयाब हुए। 2014 के चुनाव में भाजपा लहर का शिकार इन्हें भी होना पड़ा था।

इस चुनाव में हार के बाद हर्षवर्धन का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। इस तरह कांग्रेस को न केवल महाराजगंज बल्कि पूर्वांचल से पार्टी के एक बड़े नेता को खो देना पड़ा।

हर्षवर्धन ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के निकट जगह बना ली थी। कांग्रेस की नजर पिछले एक साल से स्व. हर्षवर्धन के परिवार पर टिकी हुई थी। अब जब सुप्रिया के चुनाव लड़ने पर पार्टी की मुहर लग गई है,  जिसके बाद कांग्रेस समर्थकों में काफी खुशी है।

 

कांग्रेस ने अपनी 14वीं लिस्‍ट में बिहार के 4, ओडिशा में 7 और यूपी में एक उम्मीदवार की घोषण की है। इस सूची में रंजीत रंजन को बिहार के सुपौल से उम्‍मीदवार बनाया गया है। वहीं, आशेक कुमार को समस्‍तीपुर से टिकट दिया गया है।

कांग्रेस की 14वीं लिस्‍ट

कौन है तनुश्री

11 जनवरी 1990 को गोरखपुर में जन्मी तनुश्री को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता अमरमणि त्रिपाठी यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं,  जो इस समय मुधमिता शुक्ला हत्याकांड में सजा काट रहे हैं।

तनुश्री के भाई अमनमणि त्रिपाठी नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं। 28 साल की तनुश्री ने 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान अपने भाई अमनमणि के लिए भी प्रचार किया था। अमनमणि नौतनवां विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक हैं।

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कृष्णा पटेल के दामाद को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया

इससे पहले अपनी 13वीं लिस्‍ट में कांग्रेस ने अपना दल की कृष्णा पटेल के दामाद को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया है। उत्तर प्रदेश के छह उम्मीदवारों में संभल से मेजर जेपी सिंह, शाहजहांपुर से ब्रह्म स्वरूप सागर, झांसी से शिवसरन कुशवाहा (बाबू सिंह कुश्वाहा के भाई) और देवरिया से नियाज अहमद को टिकट दिया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का भी नाम है। कांग्रेस ने जसवंत सिन्‍हा के बेटे को भी टिकट दिया है।

 

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