सुषमा, उमा के बाद अब ये नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव

लखनऊ। जब से लोकसभा चुनाव की गर्मी बढ़ना शुरू हुई है। तब से आयेदिन कही न कही से ऐसी खबरें सुनने में आ रही है। इसी कड़ी में अब एक बड़े चर्चित बीजेपी नेता ने एलान किया है की वो अब लोकसभा चुनाव से दूर रह सकते है। हालांकि बीजेपी ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है इस चुनाव में उनको दूर रखा जायेगा।

बीजेपी की टिकट पर पौड़ी संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं के बीच कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने ऐलान कर दिया कि वह लोक सभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने साफ किया कि अभी वो उत्तराखंड में ही सेवाएं देते रहेंगे। बकौल महाराज, विंटर डेस्टिनेशन्स बनाने का जो सपना जनता को दिखाया है, उसे पूरा करूंगा। यह काम पूरा किए बिना दूसरी जगह नहीं जा सकता। वहीं, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने भी कहा कि वो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करेंगे।

श्रीनगर में हुए त्रिशक्ति सम्मेलन में पहुंचे पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर साफ किया कि वो फिलहाल यह चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है और जो काम पूरे किए जाने का सपना जनता को दिखाया है, उसे पहले पूरा किया जाएगा।

वहीं, कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि पार्टी जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि गढ़वाल संसदीय सीट उनके लिए कभी भी अपरचित नहीं रही है। 29 साल की राजनीति में लोकसभा क्षेत्र का ऐसा कोई कोना नहीं है, जहां काम नहीं किया हो।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि लोकसभा क्षेत्र के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में कई काम करके जनता की सेवा की है। कोटद्वार से लेकर गैरसैंण तक कई विकास कार्य किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कैबिनेट मंत्री के दौरान मेहनत और पूरा प्रयास कर रहा हूं। पार्टी जिसे भी चुनाव मैदान में उतारेगी, उसे पौड़ी लोकसभा क्षेत्र में भारी बहुमत से जिताने के लिए काम किया जाएगा। वे अपने अंदाज में बोले, वैसे भी मैं पार्टी का पुराना सिपाही हूं।

जब समय आएगा तो सोचेंगे: महाराज

आम चुनाव में सांसद बीसी खंडूड़ी के बाद सतपाल महाराज को मजबूत प्रत्याशी देखे जाने के सवाल पर महाराज ने कहा कि सांसद खंडूड़ी की जो कमी होगी, पूरी करते रहेंगे। विरासत के रूप में खंडूड़ी यह सीट किसे सौंपते है, ये उनके विवेक पर रहेगा। भाजपा संगठन से लोकसभा चुनाव लड़ने की जिम्मेदारी दिए जाने के सवाल पर उन्होंने अंत में इतना ही कहा कि जब समय आएगा तो सोचेंगे।

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