होर्मुज संकट के बीच मुनीर का ‘सीक्रेट प्लान’: मोजतबा खामेनेई से सीधी बात की जिद पर अड़ा PAK!

जुबिली स्पेशल डेस्क
तेहरान/इस्लामाबाद। रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री तेल चोकपॉइंट ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। दोनों देशों की नौसेनाएं एक-दूसरे के जहाजों पर आक्रामक निगरानी रख रही हैं। पाकिस्तान में हुई पिछली शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद, अब इस्लामाबाद ने बैकचैनल डिप्लोमेसी के जरिए एक बेहद चौंकाने वाला और नया दांव खेला है।
पाकिस्तान ने इस महासंकट को टालने के लिए एक ‘अस्थायी प्रस्ताव’ (Temporary Proposal) तैयार किया है, जिसे कूटनीतिक हलकों में “इज्जत बचाने वाला इंतजाम” (Face-Saving Arrangement) कहा जा रहा है। अगर ईरान के भावी सर्वोच्च नेता माने जा रहे मोजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) इस पर हरी झंडी देते हैं, तो पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर (Field Marshal Asim Munir) तुरंत तेहरान के लिए उड़ान भर सकते हैं।
तेहरान में नकवी की मैराथन बैठकें, विदेश मंत्री अराघची से मुलाकात
इस पूरे मिशन को जमीन पर उतारने के लिए पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी पिछले दो दिनों से तेहरान में डेरा डाले हुए हैं।
- ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात: मोहसिन नकवी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) से मुलाकात कर अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़े पेचीदा मुद्दों पर लंबी चर्चा की है।
- IRGC कमांडरों के साथ बैठक: नकवी ने ईरान की सिविल-मिलिट्री लीडरशिप और ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के सीनियर कमांडरों के साथ कई दौर की गुप्त बातचीत की है। वह शुक्रवार तक तेहरान में ही रहकर इस बैकचैनल डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाएंगे।
क्या है पाकिस्तान का ‘अस्थायी प्रस्ताव’ और संवेदनशील मुद्दे?
राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान इस समय किसी स्थायी या दीर्घकालिक (Long-term) समझौते की कोशिश नहीं कर रहा है, क्योंकि मौजूदा माहौल में वह नामुमकिन है। इसके बजाय, इस्लामाबाद एक ऐसा बीच का रास्ता निकाल रहा है जिससे अमेरिका और ईरान, दोनों की साख बची रहे और युद्ध भी टल जाए।
इस प्रस्तावित सीक्रेट चर्चा में दो बेहद संवेदनशील और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं:
एनरिच्ड यूरेनियम का मैकेनिज्म (Enriched Uranium Transfer): ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को भविष्य में कैसे संभाला जाए या उसे किसी सुरक्षित तरीके से कैसे ट्रांसफर किया जाए, इसका एक अंतरराष्ट्रीय मैकेनिज्म तैयार करना।
- होर्मुज शिपिंग रूट को बहाल करना: दुनिया के एक-तिहाई कच्चे तेल के रूट यानी होर्मुज स्ट्रेट के व्यापारिक मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर करना।
मुनीर के दौरे पर टिकी निगाहें: चूंकि ये दोनों मुद्दे सीधे तौर पर ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा से जुड़े हैं, इसलिए इस पर कोई भी फैसला सिर्फ सर्वोच्च नेतृत्व ही ले सकता है। यही कारण है कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर सीधे मोजतबा खामेनेई से आमने-सामने की टेबल टॉक चाहते हैं।
आगे क्या होगा?
हालांकि पाकिस्तान की इस मध्यस्थता में अभी तक कोई बहुत बड़ी कामयाबी नहीं मिली है, लेकिन तेहरान में जारी मुलाकातों के दौर से कूटनीतिक गलियारों में यह उम्मीद जरूर जगी है कि हालात को नियंत्रण से बाहर होने से रोका जा सकता है। अब पूरी दुनिया की नजरें ईरान के रुख पर टिकी हैं कि क्या वह अपनी अति-गोपनीय सुरक्षा दीवार को हटाकर पाकिस्तानी सेना प्रमुख को मोजतबा खामेनेई से मिलने की इजाजत देता है या नहीं।


