आ रहा दुनिया का सबसे बड़ा IPO: कब और कैसे मिलेगा SpaceX में निवेश का मौका?

दुनिया की सबसे चर्चित स्पेस टेक कंपनियों में से एक SpaceX अब अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अमेरिकी नियामक SEC के पास ड्राफ्ट दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
कब हो सकती है लिस्टिंग?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SpaceX का लक्ष्य है कि कंपनी 12 जून तक नैस्डैक पर “SPCX” टिकर के साथ लिस्ट हो सकती है। प्रक्रिया के तहत:
- 4 जून: रोडशो शुरू होने की संभावना
- 11 जून: शेयर बिक्री की शुरुआत
- 12 जून: संभावित लिस्टिंग
हालांकि यह शेड्यूल अभी फाइनल मंजूरी और बाजार स्थितियों पर निर्भर करेगा।
SpaceX अब सिर्फ रॉकेट कंपनी नहीं
SpaceX अब केवल रॉकेट लॉन्च करने वाली कंपनी नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा स्पेस और टेक इकोसिस्टम बन चुकी है:
- सैटेलाइट लॉन्च सेवाएं
- Starlink के जरिए वैश्विक इंटरनेट सेवा
- री-यूजेबल रॉकेट तकनीक
- और एलन मस्क की AI कंपनी xAI से जुड़ाव
री-यूजेबल रॉकेट तकनीक ने लॉन्च लागत को काफी हद तक कम किया है, जिससे स्पेस इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव आया है।
वैल्यूएशन पर सबसे बड़ा सवाल
विश्लेषकों के अनुसार SpaceX का अनुमानित वैल्यूएशन लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर बताया जा रहा है, जबकि 2025 का रेवेन्यू करीब 18.7 अरब डॉलर है।
इस हिसाब से कंपनी का प्राइस-टू-सेल्स मल्टीपल 90 गुना से भी अधिक बैठता है, जो बाजार में चिंता का कारण बना हुआ है। तुलना के लिए Apple और Nvidia जैसी बड़ी कंपनियां आमतौर पर इतने ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड नहीं करतीं।
कॉर्पोरेट कंट्रोल को लेकर चिंता
IPO के बाद भी कंपनी की गवर्नेंस संरचना चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार:
- एलन मस्क के पास लगभग 43% हिस्सेदारी हो सकती है
- लेकिन सुपर-वोटिंग शेयरों के कारण लगभग 80% वोटिंग पावर उनके पास रह सकती है
इससे यह सवाल उठ रहा है कि आम निवेशकों को कंपनी के फैसलों में कितनी भागीदारी मिलेगी।
SpaceX का IPO अगर तय समय पर आता है, तो यह टेक और स्पेस इंडस्ट्री के इतिहास में एक बड़ा इवेंट हो सकता है। लेकिन ऊंचा वैल्यूएशन और गवर्नेंस मॉडल निवेशकों के लिए प्रमुख चिंता बने हुए हैं।



