अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का विरोध, CBI जांच में दो और हिरासत में

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को अहमदाबाद दौरे के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. पेपर लीक विवाद के बाद उनका यह दौरा काफी गोपनीय रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शन की आशंका पहले से जताई जा रही थी.
बताया जा रहा है कि National Students’ Union of India (NSUI) ने पहले ही विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसके चलते प्रशासन अलर्ट मोड पर था. जैसे ही मंत्री का काफिला कार्यक्रम स्थल के पास पहुंचा, कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसे रोकने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया.
अहमदाबाद में शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. अहमदाबाद में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई. पुलिस ने मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी थी, जिसके कारण स्थिति ज्यादा बिगड़ने नहीं पाई.
यह मामला अब राजनीतिक रूप भी लेता दिख रहा है, क्योंकि विपक्षी दल और छात्र संगठन लगातार सरकार से जवाब मांग रहे हैं.
NEET Paper Leak Case में महाराष्ट्र से दो लोग हिरासत में
इधर, महाराष्ट्र पुलिस ने भी नीट पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई की है. अधिकारियों के मुताबिक, पुणे और अहिल्यानगर से दो लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें एक महिला ब्यूटीशियन भी शामिल है. पूछताछ के बाद दोनों को आगे की जांच के लिए Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंप दिया गया.
पुलिस के अनुसार, पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके से मनीषा वाघमारे नाम की महिला को हिरासत में लिया गया, जबकि अहिल्यानगर जिले के राहुरी निवासी धनंजय लोखंडे की भूमिका की भी जांच की जा रही है. इससे पहले नासिक से शुभम खैरनार नाम के आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी है.
NTA ने रद्द की NEET-UG परीक्षा
पेपर लीक के आरोपों के बाद National Testing Agency (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया है. अब मामले की जांच तेज कर दी गई है और कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है.
NEET पेपर लीक केस ने देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. छात्र संगठनों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए.



