विपक्ष की असहमति के बीच CBI प्रमुख प्रवीण सूद का कार्यकाल बढ़ा; जानें कौन हैं प्रवीन सूद

सीबीआई (CBI) निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय चयन समिति की सिफारिश पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनके सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस समिति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी शामिल थे।

बैठक के बाद विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए अपनी ‘असहमति’ (Dissent Note) दर्ज कराई।

  • राहुल गांधी का बयान: उन्होंने कहा, “मैं रबर स्टैंप नहीं हूँ और इस पक्षपाती प्रक्रिया का हिस्सा बनकर अपने संवैधानिक कर्तव्यों से पीछे नहीं हट सकता।”
  • आरोप: उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रमुख जांच एजेंसियों का दुरुपयोग विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों और आलोचकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

प्रवीण सूद देश के सबसे अनुभवी और तकनीक-प्रेमी आईपीएस अधिकारियों में गिने जाते हैं। उनके करियर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • बैच और कैडर: वह 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं।
  • शिक्षा: उन्होंने IIT दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग की है। इसके अलावा उन्होंने IIM बेंगलुरु और न्यूयॉर्क की सिरैक्यूज यूनिवर्सिटी (मैक्सवेल स्कूल ऑफ गवर्नेंस) से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है।
  • करियर: महज 22 साल की उम्र में आईपीएस बनने वाले सूद, सीबीआई निदेशक बनने से पहले कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) के पद पर तैनात थे। उनका जन्म 1964 में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में हुआ था।

प्रवीण सूद को पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है…

  • उन्होंने कर्नाटक में CCCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) और ICJS (इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम) को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
  • उनके नेतृत्व में कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच की गई है। तकनीक के प्रति उनकी समझ ने जांच एजेंसियों को डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने में मदद की है।

जहाँ एक ओर सरकार ने प्रवीण सूद के अनुभव और निरंतरता पर भरोसा जताया है, वहीं विपक्ष ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर इसे राजनीतिक विवाद का केंद्र बना दिया है। सूद अब मई 2027 तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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