गोरखपुर में रोइंग का महाकुंभ: रामगढ़ताल लगातार दो नेशनल टूर्नामेंट्स की करेगा मेजबानी

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन और खेलों को बढ़ावा देने की सोच के चलते गोरखपुर का रामगढ़ताल आज देश के बेहतरीन रोइंग वेन्यू में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध गोरखपुर अब जल क्रीड़ाओं के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खेल विजन का ही परिणाम है कि रामगढ़ताल को लगातार बड़े राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी मिल रही है। इसी कड़ी में  यहाँ 12 मई से अगले दस दिनों तक रामगढ़ताल की लहरों पर  अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग और 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में पदकों के लिए रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के सहयोग से और रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित इन दो चैंपियनशिपों के सफल क्रियान्वयन के लिए उत्तर प्रदेश  खेल विभाग हर संभव बुनियादी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान कर रहा है।

यह आयोजन न केवल उत्तर प्रदेश के खेल परिदृश्य को नई ऊंचाई देंगे, बल्कि गोरखपुर को राष्ट्रीय जल क्रीड़ा मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे गोरखपुर में खेल पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।

  • अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग 12 से 16 मई तक
  • खिलाड़ियों पर होगी लाखों के इनामों की बारिश

रोइंग के महाकुंभ की शुरुआत अस्मिता नेशनल महिला रोइंग लीग से होगी। इस आयोजन में देश भर की उम्दा महिला खिलाड़ी भाग लेंगी। लीग का आयोजन 12 से 16 मई, 2026 तक किया जा रहा है।

चैंपियनशिप में प्रतिभाग के लिए टीमें 12 मई  तक पहुंचेंगी। वहीं 13 मई को चैंपियनशिप का उद्घाटन होगा। चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबलों का आयोजन 16 मई को होगा।

चैंपियनशिप में अंडर-15 आयु वर्ग, अंडर-19 आयु वर्ग और ओपन वर्ग प्रत्येक में चार-चार इवेंट आयोजित होंगे। सभी इवेंट 1000 मीटर में होंगे।  

यह लीग न केवल खेल, बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी एक बड़ा प्रतीक है।  इसका मुख्य उद्देश्य रोइंग की महिला एथलीटों को एक पेशेवर मंच देना और उन्हें भविष्य के बड़े आयोजनों के लिए तैयार करना है।

लीग के प्रत्येक वर्ग (ओपन, अंडर-19 और अंडर- 15) में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम के लिए 1,55,500 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

खास बात यह है कि केवल टॉप-3 ही नहीं, बल्कि आठवें स्थान तक आने वाली सभी टीमों को नकद पुरस्कारों से नवाजा जाएगा, ताकि खेल में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे। यह बड़ी पहल महिला रोइंग के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

अस्मिता लीग के तुरंत बाद, 17 से 21 मई तक 46वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आगाज होगा। यह टूर्नामेंट देश की युवा प्रतिभाओं को तलाशने और तराशने का सबसे बड़ा जरिया है।

उत्तर प्रदेश के लिए यह गर्व की बात है कि जूनियर स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए  रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गोरखपुर को मौका दिया है।

इस चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें भाग लेंगी। यह टूर्नामेंट भविष्य की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभाओं को तराशने का बड़ा जरिया बनेगा।

चैंपियनशिप में बालक व बालिका वर्ग में पांच इवेंट का आयोजन होगा। सभी इवेंट 2000 मीटर में होंगे। चैंपियनशिप के लिए टीमों का आगमन 16 व 17 मई को होगा जबकि 18 मई को उद्घाटन होगा। वहीं 21 मई को फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे।

उत्तर प्रदेश रोइंग एसोसिएशन के सचिव सुधीर शर्मा ने बताया कि रामगढ़ताल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है।

खिलाड़ियों के रुकने, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गोरखपुर का रामगढ़ताल अब न केवल एक पर्यटन स्थल है, बल्कि देश की बेहतरीन रोइंग नर्सरी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

बताते चले कि गोरखपुर के रामगढ़ताल में वर्तमान में मिशन जापान -2026’ (20वें एशियाई खेलों) की तैयारियों के लिए भारतीय महिला रोइंग टीम के राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन यहां गत 27 मार्च से रामगढ़ताल स्थित वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

इससे पहले गोरखपुर ने 22 से 26 अक्टूबर, 2024 तक आयोजित 25वीं सब जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप 2024 की मेजबानी की थी।

वहीं इससे पहले उत्तर प्रदेश शासन द्वारा साल 2023 में यूपी की मेजबानी में आयोजित खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के अंतर्गत रामगढ़ताल में रोइंग की स्पर्धाओं का सफल आयोजन किया गया था।

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