केरल CM पद पर सस्पेंस खत्म? लीक हुई विधायकों की ‘सीक्रेट चिट्ठी’, केसी वेणुगोपाल ने सतीशन को पछाड़ा!

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली: केरल में सत्ता की चाबी किसके हाथ में होगी, इसको लेकर चल रही खींचतान के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक के हाथ में दिखी विधायकों के समर्थन वाली ‘सीक्रेट लिस्ट’ की फोटो लीक हो गई है। इस लिस्ट ने साफ कर दिया है कि केरल के अगले मुख्यमंत्री की रेस में केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) ने अपने विरोधियों को बहुत पीछे छोड़ दिया है।
लीक फोटो ने बिगाड़ा खेल: सतीशन के ‘खास’ भी वेणुगोपाल के पाले में
कल (07 मई, 2026) हुई विधायकों की रायशुमारी के बाद जो चिट्ठी सामने आई है, उसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं
- सन्नी जोसेफ का पलटी मारना: प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ, जो सार्वजनिक रूप से वीडी सतीशन का समर्थन कर रहे थे, लिस्ट के मुताबिक उन्होंने भी केसी वेणुगोपाल के नाम पर मुहर लगाई है। इसी धोखे की खबरों के बीच सन्नी जोसेफ ने अपनी आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस भी रद्द कर दी है।
- वेणुगोपाल का भारी बहुमत: कुल 63 निर्वाचित विधायकों में से 47 विधायकों ने साफ तौर पर वेणुगोपाल को अपनी पहली पसंद बताया है।
आंकड़ों का खेल: किसे मिला कितना समर्थन?
लीक हुई लिस्ट और सूत्रों के मुताबिक, सीएम पद के दावेदारों की स्थिति कुछ ऐसी है:
| दावेदार का नाम | विधायकों का समर्थन |
| केसी वेणुगोपाल | 47 |
| रमेश चेन्निथला | 08 |
| वीडी सतीशन | 06 |
नोट: चेन्निथला के करीबी सहयोगी आई.सी. बालकृष्णन ने वेणुगोपाल और चेन्निथला दोनों के नाम का सुझाव देकर आलाकमान की उलझन बढ़ाई है।
दिल्ली दरबार में फैसला: खड़गे करेंगे नाम का ऐलान
कांग्रेस पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन दिल्ली लौट चुके हैं और अपनी विस्तृत रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपेंगे। हालांकि विधायक दल ने एक लाइन का प्रस्ताव पास कर फैसला आलाकमान पर छोड़ दिया है, लेकिन 47 विधायकों का समर्थन वेणुगोपाल की दावेदारी को लगभग तय मान रहा है।
बड़ा झटका: वीडी सतीशन, जिन्हें जनता और पूर्व पीसीसी अध्यक्षों के बीच लोकप्रिय माना जा रहा था, केवल 6 विधायकों का समर्थन जुटा पाए।
🗓️ कब होगा शपथ ग्रहण?
सूत्रों के अनुसार, शनिवार या रविवार (9-10 मई) तक हाईकमान आधिकारिक नाम की घोषणा कर देगा। मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान के 48 घंटे के भीतर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जिसमें UDF के अन्य घटक दल भी शामिल होंगे।

