तमिलनाडु में थलापति विजय का ‘सियासी तूफान’: सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK, किंगमेकर की तलाश जारी
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में दशकों बाद एक बड़ा ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। सुपरस्टार थलापति विजय की पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम (TVK) पहली बार चुनावी मैदान में उतरी और अपनी पहली ही पारी में राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनकर उभरी है। हालांकि, विधानसभा चुनाव के नतीजों ने ‘नंबर गेम’ को उलझा दिया है, जिससे अब राज्य में गठबंधन सरकार (Coalition Government) बनना तय माना जा रहा है।
चुनावी आंकड़े: TVK शतक पार, बहुमत से थोड़ा दूर
तमिलनाडु की 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का जादुई आंकड़ा 118 है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक:
- TVK (थलापति विजय): 108 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
- DMK (सत्तारूढ़): 59 सीटें (दूसरे स्थान पर)
- AIADMK: 47 सीटें
- कांग्रेस: 05 सीटें
थलापति विजय की पार्टी को बहुमत के लिए केवल 10 और सीटों की आवश्यकता है।
विजय की ‘डबल चाल’: दोनों हाथों में लड्डू
बहुमत से महज 10 कदम दूर विजय ने सरकार बनाने के लिए दोतरफा रणनीति अपनाई है। सूत्रों के अनुसार, TVK की बातचीत कांग्रेस और AIADMK दोनों के साथ चल रही है।
विकल्प 1: कांग्रेस का साथ
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने पुष्टि की है कि विजय ने समर्थन के लिए संपर्क किया है। हाईकमान ने प्रदेश इकाई को अंतिम फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।
- संभावित डील: कांग्रेस को सरकार में 2 कैबिनेट पद मिल सकते हैं। हालांकि, इसके लिए विजय को कुछ अन्य छोटे दलों के समर्थन की भी जरूरत होगी।
विकल्प 2: AIADMK के साथ बड़ा गठबंधन
लॉटरी किंग सैंटियागो मार्टिन की पत्नी लीमा रोज मार्टिन के अनुसार, विजय की पार्टी और AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी के बीच भी चर्चा जारी है। AIADMK की 47 सीटों के साथ विजय एक बेहद स्थिर और मजबूत सरकार बना सकते हैं।
सहयोगियों के लिए ‘पावर शेयरिंग’ फॉर्मूला
TVK सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए विजय ने एक उदार फॉर्मूला तैयार किया है:
- मंत्री पद: सहयोगी दल को 4 से 6 कैबिनेट मंत्री पद दिए जा सकते हैं।
- अनुभव का संतुलन: विजय खुद राजनीति में नए हैं, इसलिए वे अनुभवी सहयोगियों के जरिए प्रशासन की कमियों को दूर करना चाहते हैं।
- स्थिरता: 118 के आंकड़े को मजबूती से पार करने के लिए छोटे दलों (CPI, CPM, VCK) के रुख पर भी नजर बनी हुई है।
दशकों बाद गठबंधन का दौर
तमिलनाडु ने लंबे समय तक DMK या AIADMK की एकतरफा सत्ता देखी है, लेकिन थलापति विजय ने इस द्विध्रुवीय राजनीति को खत्म कर दिया है। यदि विजय सरकार बनाने में सफल होते हैं, तो यह न केवल उनके करियर बल्कि तमिलनाडु के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना होगी। फिलहाल, चेन्नई में मुलाकातों का दौर जारी है और अगले 48 घंटे सरकार गठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।



