बंगाल चुनाव परिणाम 2026: ममता का CRPF पर मारपीट का आरोप, भवानीपुर में हार के बाद बढ़ा तनाव

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 125 से अधिक सीटों के भारी अंतर से पछाड़ते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। हालांकि, इस चुनावी हार के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुरक्षा बलों और चुनाव आयोग पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं।

भवानीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने सोमवार को मतगणना केंद्र (सखावत मेमोरियल काउंटिंग हॉल) पहुँचने के बाद केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:

  • धक्का-मुक्की का आरोप: ममता बनर्जी ने दावा किया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें अंदर जाने से रोका।
  • पक्षपात का दावा: उन्होंने कहा, “मैं खुद उम्मीदवार हूँ, फिर भी मुझे प्रवेश नहीं दिया गया। केंद्रीय बल पूरी तरह पक्षपाती होकर काम कर रहे हैं”।

ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों को ‘अनैतिक’ करार देते हुए बीजेपी को ‘दानवों की पार्टी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • बीजेपी ने 100 से ज्यादा सीटों पर धोखेबाजी और लूट की है।
  • चुनाव आयोग (EC) अब ‘बीजेपी का कमीशन’ बन चुका है और उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
  • उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मिलीभगत से की गई ‘लूट’ करार दिया।

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर मतगणना प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि डायमंड हार्बर, कुलपी, और बसंती जैसे क्षेत्रों में जीत स्पष्ट होने के बावजूद चुनाव आयोग आधिकारिक ‘प्रमाण पत्र’ जारी नहीं कर रहा है।

चुनावी नतीजों के बाद तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दरअसल, कुछ लोगों के समूह ने मुख्यमंत्री के घर और राज्य सचिवालय के पास पहुँचकर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, जिसके बाद किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने अतिरिक्त केंद्रीय बल तैनात कर दिए हैं।

बंगाल चुनाव 2026 के ये नतीजे न केवल सत्ता परिवर्तन का संकेत हैं, बल्कि आने वाले दिनों में राज्य में बड़े राजनीतिक और कानूनी संघर्ष की ओर भी इशारा कर रहे हैं।

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