जन्मदिन विशेष: गेंदबाज बनने का सपना देखने वाले रोहित शर्मा कैसे बन गए वनडे क्रिकेट के ‘किंग’? जानें दिलचस्प कहानी

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा आज अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। 30 अप्रैल 1987 को नागपुर में जन्मे रोहित की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

रोहित शर्मा आज अपने लंबे छक्कों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वह एक ऑफ-स्पिन गेंदबाज बनना चाहते थे। उनके कोच दिनेश लाड ने उनकी बल्लेबाजी की छिपी हुई प्रतिभा को पहचाना और उन्हें अपना पूरा ध्यान बैटिंग पर लगाने की सलाह दी। कोच की इस पारखी नजर ने भारत को एक ऐसा बल्लेबाज दिया जिसने वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक जड़ने का अद्भुत कारनामा किया।

रोहित शर्मा का करियर सही मायने में 23 जनवरी 2013 को बदला, जब उन्होंने नियमित रूप से वनडे में ओपनिंग करना शुरू किया। इंग्लैंड के खिलाफ उस मैच में खेली गई 83 रनों की पारी ने उनके लिए सफलता के द्वार खोल दिए। इसके बाद शिखर धवन के साथ उनकी जोड़ी ने चैंपियंस ट्रॉफी में धूम मचा दी।

  • 264 रनों का विशाल स्कोर: श्रीलंका के खिलाफ 2014 में बनाया गया यह स्कोर आज भी वनडे इंटरनेशनल का सबसे बड़ा निजी स्कोर है।
  • विश्व कप के ‘शतकवीर’: 2019 के एक ही वर्ल्ड कप में 5 शतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड रोहित के नाम है।
  • छक्कों के किंग: साल 2019 में उन्होंने कुल 77 छक्के जड़े थे, जो एक साल में किसी भी खिलाड़ी द्वारा लगाए गए सर्वाधिक सिक्स हैं।

रोहित शर्मा ने आईपीएल में अपनी कप्तानी का लोहा मनवाते हुए मुंबई इंडियंस को 5 बार खिताब जिताया। साल 2022 में उन्हें भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी-20) का नियमित कप्तान नियुक्त किया गया। उनके टेस्ट करियर की शुरुआत भी धमाकेदार रही थी, जहाँ उन्होंने 2013 में अपने डेब्यू मैच में ही 177 रन बनाए थे।

  • टेस्ट: 49 मैच, 3379 रन, 9 शतक
  • वनडे: 243 मैच, 9825 रन, 30 शतक
  • टी-20: 148 मैच, 3853 रन, 4 शतक

रोहित शर्मा की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर सही मार्गदर्शन मिले, तो प्रतिभा अपनी चमक बिखेरने से पीछे नहीं हटती। आज वह न केवल भारत, बल्कि विश्व क्रिकेट के एक महानतम आइकन हैं।

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