“ईस्टर पर पीएम मोदी की देशवासियों को शुभकामनाएं, पोप ने दी बड़ी सीख”

ईसाई धर्म के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक Easter के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह दिन आशा, नवजीवन और सकारात्मकता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पावन अवसर सभी के जीवन में शांति, खुशी और उजाला लाए। साथ ही उन्होंने अपील की कि Jesus Christ की शिक्षाएं लोगों को दया और करुणा की भावना अपनाने के लिए प्रेरित करें तथा समाज में एकता को मजबूत बनाएं।
वेटिकन से पोप का संदेश
वहीं, St. Peter’s Basilica में ईस्टर विजिल मास के दौरान Pope Leo XIV ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि डर, अविश्वास, स्वार्थ और मनमुटाव जैसे भाव इंसान के दिल पर भारी बोझ डालते हैं।
उन्होंने कहा कि ये भाव न सिर्फ लोगों के बीच दूरी बढ़ाते हैं, बल्कि देशों को भी विभाजित कर सकते हैं। पोप ने सभी से इन नकारात्मक भावनाओं से ऊपर उठने और एकजुटता की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
“दिल के बोझ से खुद को पंगु न बनने दें”
पोप ने अपने संदेश में कहा कि आज भी दुनिया में कई ऐसी “कब्रें” हैं, जिन्हें खोला जाना बाकी है। उन्होंने इसे प्रतीकात्मक रूप में बताते हुए कहा कि कई बार इन कब्रों को बंद करने वाले पत्थर इतने भारी होते हैं कि वे हटाए नहीं जा सकते।
उन्होंने समझाया कि यह बोझ हमारे अंदर के डर, अविश्वास और संघर्षों का प्रतीक है, जो समाज में युद्ध, अन्याय और अलगाव को जन्म देते हैं।
पूरे विश्व में मनाया जा रहा ईस्टर
Easter का पर्व भारत समेत दुनिया भर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं और Jesus Christ के पुनरुत्थान की याद में धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
मान्यता है कि Jesus Christ को सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन उनका पुनर्जन्म हुआ था, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है।
एकता और उम्मीद का संदेश
ईस्टर का यह संदेश केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों से भी जुड़ा है—जहां प्रेम, करुणा और एकता को सबसे ऊपर रखा जाता है। मौजूदा वैश्विक हालात के बीच यह पर्व लोगों को सकारात्मक सोच और आपसी भाईचारे की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।



