ट्रंप के ‘10 बड़े दावे’ या हकीकत से दूर बयान? ईरान जंग पर भाषण के बाद उठे गंभीर सवाल

जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली। ईरान के साथ जारी जंग के 34वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए जीत का दावा किया, लेकिन उनके भाषण के कई दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 20 मिनट के इस संबोधन में ट्रंप ने ईरान को कमजोर बताने की कोशिश की, जबकि जमीनी हालात इससे अलग नजर आ रहे हैं।
दावा 1: ईरान की सैन्य ताकत खत्म
ट्रंप ने कहा कि ईरान की नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म हो चुकी है।
हकीकत: ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर उसका नियंत्रण बना हुआ है।
दावा 2: ईरान में सत्ता परिवर्तन
ट्रंप ने दावा किया कि नया नेतृत्व कम कट्टर है।
हकीकत: मुज्तबा खामेनेई के नेतृत्व को पहले से ज्यादा आक्रामक माना जा रहा है।
दावा 3: परमाणु क्षमता खत्म
ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह हो चुके हैं।
हकीकत: इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
दावा 4: सहयोगी देश सुरक्षित
ट्रंप ने खाड़ी देशों की सुरक्षा का भरोसा दिया।
हकीकत: संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कतर पर खतरा बढ़ा है।
दावा 5: ‘स्टोन एज’ में भेज देंगे
ट्रंप ने ईरान को पाषाण युग में भेजने की बात कही।
हकीकत: ऐसे कदम के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य या परमाणु कार्रवाई जरूरी होगी, जो व्यावहारिक नहीं मानी जा रही।
दावा 6: बातचीत जारी
ट्रंप ने कहा कि ईरान से बातचीत चल रही है।
हकीकत: ईरान ने सार्वजनिक रूप से ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया है।
दावा 7: तेल ठिकानों पर हमला नहीं
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तेल क्षेत्रों को निशाना नहीं बनाया।
हकीकत: खार्ग आइलैंड जैसे क्षेत्रों पर हमला वैश्विक तेल संकट को जन्म दे सकता है, इसलिए यह रणनीतिक रूप से जटिल है।
दावा 8: अमेरिका में महंगाई नहीं
ट्रंप ने मजबूत अर्थव्यवस्था का दावा किया।
हकीकत: युद्ध के चलते तेल की कीमतें और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है।
दावा 9: जल्द खत्म होगी जंग
ट्रंप ने दो-तीन हफ्तों में युद्ध खत्म करने की बात कही।
हकीकत: जंग पहले भी जल्दी खत्म करने के दावे के बावजूद लंबी खिंच चुकी है।
बाजार पर दिखा असर
ट्रंप के भाषण के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट देखी गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी अनिश्चितता को लेकर चिंतित हैं।



