पश्चिम एशिया संकट पर PM ने मुख्यमंत्रियों से कहा: कोई लॉकडाउन नहीं…

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालातों पर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लगभग सवा दो घंटे की वर्चुअल बैठक की। बैठक में पीएम मोदी ने राज्यों से उनकी तैयारियों के बारे में जानकारी ली और सभी से टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा और देश इस संकट से मिलकर निपटेगा।

आर्थिक स्थिरता और नागरिक सुरक्षा प्राथमिकता

पीएम मोदी ने बैठक में जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं हैं:

  • आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना
  • एनर्जी सिक्योरिटी सुनिश्चित करना
  • नागरिकों के हितों की रक्षा करना
  • इंडस्ट्री और सप्लाई चेन को मज़बूत बनाना

उन्होंने राज्यों से सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने, जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की।

कृषि क्षेत्र में एडवांस प्लानिंग जरूरी

पीएम ने एग्रीकल्चर सेक्टर में विशेष रूप से फर्टिलाइज़र स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन मॉनिटरिंग पर एडवांस प्लानिंग की जरूरत पर जोर दिया। बदलते हालात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए सभी स्तरों पर मजबूत कोऑर्डिनेशन सिस्टम बनाने की बात कही। साथ ही शिपिंग, जरूरी सप्लाई और समुद्री ऑपरेशन में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए बॉर्डर और तटीय राज्यों पर खास ध्यान देने का निर्देश दिया।

अफवाहों पर कड़ी नजर और भरोसेमंद जानकारी

पीएम मोदी ने अफवाहें फैलाने के खिलाफ आगाह किया और सही और भरोसेमंद जानकारी फैलाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्रियों ने पीएम की लीडरशिप और केंद्र सरकार के कदमों की तारीफ़ की, जिसमें पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी का स्वागत शामिल है।

राज्यों और केंद्र का समन्वय

मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीज़ल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ मिलकर स्थिति को प्रभावी ढंग से मैनेज करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण समेत कई राज्य के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक असर

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात बेहद चिंताजनक हैं। इस संकट से सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल और गैस आपूर्ति, और लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर पड़ा है।

सरकार का बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने इस संकट के समय पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कटौती का ऐलान किया। हालांकि इसका खुदरा कीमतों पर असर नहीं होगा। कंपनियां इसका उपयोग कच्चे माल की बढ़ी लागत की भरपाई के लिए करेंगी।

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