Donald Trump का बड़ा संकेत: Pakistan में हो सकती है US-Iran शांति वार्ता, Israel संघर्ष पर ब्रेक की कोशिश

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच शांति की नई उम्मीद सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत Pakistan में हो सकती है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के निमंत्रण का स्क्रीनशॉट साझा कर इस संभावना को और मजबूत कर दिया।
पहले जहां ट्रंप लगातार युद्ध में जीत का दावा कर रहे थे, वहीं अब बातचीत की पहल उनके रुख में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। सोमवार को बातचीत का जिक्र करने के महज 12 घंटे के भीतर पाकिस्तान संभावित मेजबान के रूप में उभरकर सामने आया।
ईरान का बदला रुख
शुरुआत में Iran ने ट्रंप के बैकचैनल बातचीत के दावे को खारिज कर मजाक उड़ाया था, लेकिन बाद में सरकारी सूत्रों ने माना कि मित्र देशों के जरिए बातचीत के संकेत मिले हैं, जिनमें अमेरिका की ओर से युद्ध समाप्त करने की इच्छा जताई गई है।
कौन होंगे बातचीत में शामिल?
ईरान की ओर से प्रतिनिधित्व को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है, लेकिन संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf का नाम सामने आ रहा है।
अमेरिका की ओर से ट्रंप के प्रमुख वार्ताकार Steve Witkoff और दामाद Jared Kushner के इस हफ्ते Islamabad पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance भी इस वार्ता में शामिल हो सकते हैं।
पाकिस्तान की सक्रिय भूमिका
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बात की है। वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच भी संपर्क बना हुआ है।
साथ ही, पाकिस्तानी सेना प्रमुख Asim Munir की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है।
अन्य देशों की मध्यस्थता
पाकिस्तान के अलावा Saudi Arabia, Egypt और Turkey भी इस संकट को सुलझाने में सक्रिय हैं। Qatar ने भी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया है।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio G7 देशों के साथ बैठक के लिए France जाएंगे, जहां ईरान मुद्दे पर चर्चा होगी।
भारत भी सक्रिय
Narendra Modi और Donald Trump के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत जल्द से जल्द तनाव कम करने और शांति बहाल करने के पक्ष में है।
उन्होंने हाल ही में ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से भी बात की थी।
विपक्ष का हमला
विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने इस मुद्दे पर सरकार की विदेश नीति को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति मजाक बन गई है और इसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं।



