बढ़े हुए कॉमर्शियल LPG कोटे का फायदा पाने के लिए होटल-रेस्टोरेंट को पूरी करनी होंगी ये शर्तें

मध्य पूर्व संकट से भारत की एलपीजी सप्लाई प्रभावित
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखने लगा है। देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से लगभग 90 प्रतिशत सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ जैसे अहम समुद्री मार्ग से होकर आती है। बीते तीन हफ्तों से जारी युद्ध के कारण इस रूट पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे भारत के 24 एलपीजी कार्गो जहाज फंस गए हैं। इसका सीधा असर देश में गैस की उपलब्धता पर पड़ा है और सप्लाई मांग के अनुरूप नहीं रह गई है।
सरकार का बड़ा फैसला: कमर्शियल एलपीजी आवंटन बढ़ा
स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 मार्च 2026 को राज्यों को कमर्शियल एलपीजी का अतिरिक्त 20 प्रतिशत आवंटन देने की मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद कुल आवंटन 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जिसमें 10 प्रतिशत हिस्सा पीएनजी विस्तार से जुड़े सुधारों पर निर्भर करेगा।
पीएनजी विस्तार से जुड़ी शर्तें लागू
हालांकि, अतिरिक्त आवंटन पाने के लिए राज्यों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना होगा। 18 मार्च को दिए गए प्रस्ताव में भी इसी तरह की शर्तें जोड़ी गई थीं। राज्यों को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाना होगा, जिसमें आवेदन और शिकायत निपटान के लिए समितियां बनाना, अनुमति आदेश जारी करना, खुदाई और पुनर्स्थापन योजना लागू करना और लीज शुल्क में कमी जैसे कदम शामिल हैं।
एलपीजी की जगह पीएनजी को बढ़ावा
सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां अब बड़े शहरों और व्यावसायिक इलाकों में एलपीजी की जगह पीएनजी को बढ़ावा दे रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, पीएनजी से जुड़े उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत का करीब 80 प्रतिशत तक गैस सप्लाई मिल रही है, जिससे उन्हें निरंतर आपूर्ति का लाभ मिल रहा है।
GAIL की पहल: कनेक्शन पर छूट और बढ़ती संख्या
पीएनजी को आकर्षक बनाने के लिए गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) ने कनेक्शन शुल्क में 500 रुपये तक की छूट जैसे ऑफर शुरू किए हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 13,700 से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जबकि 7,300 से अधिक उपभोक्ता एलपीजी छोड़कर पीएनजी अपना चुके हैं। इससे एलपीजी की मांग पर दबाव कम हो रहा है।
सरकारी संस्थानों को भी पीएनजी अपनाने के निर्देश
केंद्र सरकार ने सभी सरकारी संस्थानों, कॉलोनियों और कैंटीनों को निर्देश दिए हैं कि जहां संभव हो, वहां पीएनजी का उपयोग शुरू किया जाए। साथ ही, सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन देने के लिए कहा गया है।
तेज होगी प्रक्रिया: PNGRB के निर्देश
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने भी कंपनियों को निर्देश दिया है कि आवेदन से लेकर गैस आपूर्ति तक की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को जल्दी पीएनजी से जोड़ा जा सके।
रणनीति साफ: एलपीजी निर्भरता घटाकर पीएनजी पर फोकस
कुल मिलाकर, सरकार मौजूदा आपूर्ति संकट से निपटने के लिए एलपीजी पर निर्भरता घटाकर पीएनजी को बढ़ावा देने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है। इससे भविष्य में इस तरह के वैश्विक संकटों का असर कम किया जा सकेगा।



