मिडिल ईस्ट तनाव का असर भारत पर: प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 महंगा, कच्चे तेल में उछाल से बढ़ा दबाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण देश में प्रीमियम पेट्रोल महंगा कर दिया गया है।

20 मार्च 2026 से प्रीमियम पेट्रोल—जैसे स्पीड पेट्रोल, पावर पेट्रोल और XP95 पेट्रोल—की कीमत में करीब ₹2.09 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। पहले इसकी कीमत ₹111.68 प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर ₹113.77 प्रति लीटर हो गई है।

इसके अलावा Indian Oil Corporation (IOC) ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमत में भी भारी इजाफा किया है। यह ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। हालांकि, आम पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और तेल कंपनियां खुद लागत का बोझ उठा रही हैं।

कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर

इंडियन क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत हाल ही में 146 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो एक रिकॉर्ड स्तर माना जा रहा है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहती है, तो तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इससे पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर ₹6 तक का असर पड़ सकता है, जबकि LPG पर घाटा और बढ़ने की आशंका है।

क्यों महंगा हुआ प्रीमियम पेट्रोल?

प्रीमियम पेट्रोल एक हाई-क्वालिटी ईंधन होता है, जिसमें सामान्य पेट्रोल की तुलना में ज्यादा ऑक्टेन लेवल होता है। इसमें ऐसे एडिटिव्स मिलाए जाते हैं जो इंजन को साफ रखते हैं और नॉकिंग को कम करते हैं।

यह खासतौर पर हाई-परफॉर्मेंस कारों और स्पोर्ट्स बाइक्स के लिए उपयोगी होता है, जिससे बेहतर पिकअप और माइलेज मिलता है। यही वजह है कि इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से अधिक होती है।

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