जनाजों से सम्मान तक: IRGC ने ईरानियों के दिलों में कैसे बनाई खास जगह

ईरान में IRGC की भूमिका और समाज पर असर
ईरान में हर घर और आम नागरिकों के जीवन में IRGC का गहरा असर देखा जा सकता है। हाल ही में IRGC के दो वरिष्ठ कमांडरों के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ जुटी। इनमें पहला नाम था आमिर अली हाजीज़देह का, जो 13 जून 2025 को इजरायल के हमले में शहीद हुए थे। वे IRGC एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख थे और 16 साल तक मिसाइल व ड्रोन क्षमता के विकास में अहम योगदान दिया।
साथ ही, 2020 में अमेरिकी हमले में शहीद हुए कमांडर कासिम सुलेमानी की याद अभी भी ईरानी समाज में ताजा है। IRGC के अन्य वरिष्ठ कमांडर, जैसे मेजर जनरल महमूद बघेरी, के अंतिम संस्कार में भी भारी भीड़ शामिल हुई। इन कमांडरों की रणनीतिक सोच और ईरान की मिसाइल डिफेंस स्ट्रेटजी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
ईरान के शहरों और चौराहों पर IRGC कमांडरों की तस्वीरें और म्यूरल्स लगाए जाते हैं। यह केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि सामरिक संदेश भी होता है। हिब्रू भाषा में लिखे गए नक्शे और इजरायल के निशान यह दर्शाते हैं कि IRGC की नजर उन जगहों पर है, जहां वे संभावित हमले कर सकते हैं।
2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और ऐम केलावी में ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों और IRGC कमांडरों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में शहीद हुए लोगों के अंतिम संस्कार में भारी भीड़ शामिल हुई। लोग अपने बच्चों को जनाजे के पास लाकर उनसे छूने देते हैं, जिससे युवा पीढ़ी में शहादत की भावना और सम्मान का संदेश जाए।
ईरानी समाज में IRGC के प्रभाव की झलक इस्लामी नववर्ष में भी देखने को मिलती है। माताएं नवजात बच्चों के साथ मस्जिदों में IRGC कमांडरों की तस्वीरें लाती हैं। कासिम सुलेमानी को कई परिवार अपने बच्चों के लिए रोल मॉडल मानते हैं। तेहरान हवाई अड्डे पर उनके आदमकद कटआउट लगाए गए हैं, जो उनके शहादत को याद रखने का प्रतीक हैं।
IRGC समाज में अपने प्रभाव को मजबूत करने के लिए विशेष आयोजनों और पब्लिक प्रदर्शन का सहारा लेती है। उन्होंने उन परिवारों को आमंत्रित किया, जिन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों में अपने परिजन खोए। इसके जरिए वे अमेरिका के खिलाफ मुकदमे और दस्तावेज़ों का प्रदर्शन करते हैं। ईरानी संसद ने यूरोपीय संघ की सेना को आतंकी घोषित कर दिया, क्योंकि यूरोपीय संघ ने IRGC को आतंकी संगठन की सूची में डाला था।
ईरानी समाज में IRGC न केवल सैन्य बल के रूप में बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव के जरिए भी अपने संदेश को स्थापित करती है, जिससे उनका नरेटिव और शक्ति स्थायी बनी रहती है।



