बिहार राज्यसभा चुनाव 2026: NDA ने सभी पांच सीटें जीतीं

पटना: बिहार में पांच सीटों पर हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए (NDA) के सभी उम्मीदवार विजयी रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, RLM प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा, और पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम ने जीत दर्ज की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नबीन को 44-44 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा को 42-42 वोट पड़े। पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम को शुरुआत में सिर्फ 30 वोट मिले, लेकिन अंततः उन्हें जीत मिली क्योंकि एनडीए विधायकों ने दूसरी वरीयता के वोट उनके नाम किए। वहीं, RJD के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह को 37 वोट मिलने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा।

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग का तरीका

राज्यसभा चुनाव में वोटिंग वरीयता क्रम (Preference Voting) के आधार पर होती है। उम्मीदवार को जीतने के लिए निर्धारित कोटा का समर्थन चाहिए। बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, और पांच सीटों के लिए कोटा 41 वोट था। चार विधायकों की अनुपस्थिति के कारण कोटा घट कर 40 वोट रह गया।

जिन उम्मीदवारों को 40 या उससे अधिक वोट मिले, वे सीधे जीत गए। नीतीश कुमार, नितिन नबीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा इसी श्रेणी में शामिल थे।

कोटा से अधिक वोटों का ट्रांसफर

यदि किसी उम्मीदवार को कोटे से अधिक वोट मिलते हैं, तो अतिरिक्त वोट दूसरी वरीयता वाले उम्मीदवार को ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। नीतीश कुमार और अन्य NDA उम्मीदवारों के द्वितीय वरीयता वोट शिवेश राम को ट्रांसफर हुए, जिससे उनका कुल वोट बढ़कर 42 हो गया और अमरेंद्र धारी सिंह को हराया।

पिछला अनुभव: हरियाणा का उदाहरण

2016 में हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में भी यही सिस्टम काम आया। कम वोट पाने के बावजूद सुभाष चंद्रा ने जीत हासिल की, क्योंकि दूसरे उम्मीदवारों के कोटे से अतिरिक्त वोट उनके पास ट्रांसफर हो गए थे।

एनडीए ने पूर्व नियोजन और रणनीति के दम पर बिहार में महागठबंधन को मात दी और सभी पांच सीटें अपने नाम कीं। राज्यसभा चुनाव में हार के बाद RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि उनके विधायकों ने धोखा नहीं दिया होता तो जीत उनकी होती।

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