रूसी तेल पर 30 दिन की छूट, कांग्रेस का हमला-क्या अब USA तय करेगा भारत की नीति?

जुबिली स्पेशल डेस्क
United States ने India को 30 दिनों तक Russia से तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति दी है। बताया जा रहा है कि Iran–Israel संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भारत की ऊर्जा जरूरतें प्रभावित न हों। हालांकि अमेरिका के इस फैसले पर भारत में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है और कांग्रेस ने इसे देश की संप्रभुता पर सवाल बताया है।
कांग्रेस नेता Supriya Shrinate ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी वित्त मंत्री ने मीडिया से कहा है कि भारत को 30 दिन तक रूस से तेल खरीदने की इजाजत दी गई है।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि उन्होंने भारत को 30 दिन के लिए रुस से तेल ख़रीदने की अनुमति दी है
यह हमारी स्वतंत्रता और संप्रभुता पर करारा तमाचा है
अमेरिका कौन होता है हमें अनुमति देने वाला?
इसी energy security के बारे में लगातार @RahulGandhi आगाह कर रहे हैं
लानत है मोदी पर pic.twitter.com/H6MNa3uizs
— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) March 6, 2026
उन्होंने इसे भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता पर “करारा तमाचा” बताया और सवाल उठाया कि अमेरिका भारत को अनुमति देने वाला कौन होता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर Rahul Gandhi पहले से चेतावनी देते रहे हैं।
वहीं कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह “ट्रंप का नया खेल” है, जिसमें दिल्ली को कहा जा रहा है कि वह रूस से तेल ले सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक यह अमेरिकी दबाव चलता रहेगा।
ट्रम्प का नया खेल
दिल्ली दोस्त को कहा
पुतिन से ले सकते हो तेल
कब तक चलेगा
यह अमेरिकी ब्लैकमेल pic.twitter.com/GTmITbEGPN— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 6, 2026
कांग्रेस नेता Priyank Kharge ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी सचिव आखिर कौन होते हैं जो भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दें।
उन्होंने कहा कि भारतीय सरकार को इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए और विदेश नीति में मजबूती दिखानी चाहिए।
इसी तरह कांग्रेस सांसद Imran Pratapgarhi ने भी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि क्या अब भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए भी अमेरिका से अनुमति लेनी पड़ेगी। उन्होंने इसे “सरेंडर” की स्थिति बताया।
दरअसल, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 6 मार्च को घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump के ऊर्जा एजेंडे के तहत यह अस्थायी फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार है और वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए यह छूट दी गई है।
स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में इस दबाव को कम करने और तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए भारत को 30 दिनों की यह अस्थायी छूट दी गई है।
