जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया। लेकिन टीम के खिलाड़ियों को सेमीफाइनल जीत के बाद ई-रिक्शा से होटल जाते देखा गया, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और BCCI पर सवाल खड़े हो गए। फैंस यह जानना चाह रहे हैं कि दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड के घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को ऐसा सफर क्यों करना पड़ रहा है।
ई-रिक्शा में क्यों सफर कर रहे हैं खिलाड़ी?
सेमीफाइनल मैच बंगाल क्रिकेट एकेडमी, कल्याणी में हुआ था। यह एकेडमी जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के होटल से मात्र 500 मीटर दूर है। सूत्रों के अनुसार, खिलाड़ियों के पास टीम बस मौजूद होती है, लेकिन थोड़ी देरी होने पर वे अपनी मर्जी से ई-रिक्शा लेकर होटल लौट जाते हैं। पत्रकारों का कहना है कि इस मामले में BCCI की कोई गलती नहीं है। कहा गया कि इसी मैदान पर ईशान किशन भी मैच के बाद ई-रिक्शा से होटल लौटते थे।
जम्मू-कश्मीर ने सेमीफाइनल में बंगाल को 6 विकेट से हराकर पहली बार फाइनल में अपनी जगह बनाई। बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए, जबकि जम्मू-कश्मीर ने 302 रन का जवाब दिया। दूसरी पारी में बंगाल महज 99 रन पर ऑल आउट हुई और जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस ऐतिहासिक जीत के हीरो तेज गेंदबाज आकिब नबी डार रहे, जिन्होंने 9 मैचों में 55 विकेट लिए और टूर्नामेंट में 6 फाइव-विकेट हॉल भी हासिल किए।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
