जुबिली स्पेशल डेस्क
करीब 140 करोड़ की आबादी वाला भारत जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
अनुमान है कि साल 2028 तक भारत 5.7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। कारोबारी वर्ष 2025-26 में देश की रियल GDP ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस उपलब्धि में राज्यों की भूमिका बेहद अहम रही है।
Reserve Bank of India की Handbook of Statistics on Indian States के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के आधार पर Maharashtra एक बार फिर देश का सबसे अमीर राज्य बना हुआ है, जबकि Arunachal Pradesh सूची में सबसे नीचे है।
यह रैंकिंग मौजूदा कीमतों पर राज्यों के आर्थिक उत्पादन के आधार पर तय की गई है, जिससे पता चलता है कि किस राज्य में आर्थिक गतिविधियां कितनी मजबूत हैं।
देश के 10 सबसे अमीर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (GSDP के आधार पर)
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Maharashtra – 45.32 लाख करोड़ रुपये
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Tamil Nadu – 31.19 लाख करोड़ रुपये
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Uttar Pradesh – 29.78 लाख करोड़ रुपये
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Karnataka – 28.84 लाख करोड़ रुपये
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West Bengal – 18.15 लाख करोड़ रुपये
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Rajasthan – 17.04 लाख करोड़ रुपये
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Telangana – 16.41 लाख करोड़ रुपये
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Andhra Pradesh – 15.93 लाख करोड़ रुपये
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Madhya Pradesh – 15.03 लाख करोड़ रुपये
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Delhi – 12.15 लाख करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से साफ है कि महाराष्ट्र इंडस्ट्री, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर के दम पर देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मजबूती ने तमिलनाडु को दूसरे स्थान पर बनाए रखा है, जबकि टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर के कारण कर्नाटक शीर्ष राज्यों में शामिल है।
सबसे कम GSDP वाले 10 राज्य (नीचे से ऊपर)
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Arunachal Pradesh – 4,423 करोड़ रुपये
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Tripura – 8,968 करोड़ रुपये
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Himachal Pradesh – 23,169 करोड़ रुपये
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Jammu and Kashmir – 26,246 करोड़ रुपये
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Uttarakhand – 37,824 करोड़ रुपये
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Jharkhand – 51,626 करोड़ रुपये
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Chhattisgarh – 56,788 करोड़ रुपये
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Assam – 64,367 करोड़ रुपये
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Punjab – 83,864 करोड़ रुपये
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Odisha – 89,004 करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत की अर्थव्यवस्था भले ही तेजी से आगे बढ़ रही हो, लेकिन राज्यों के बीच आर्थिक असमानता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जहां कुछ राज्य इंडस्ट्री, आईटी और सर्विस सेक्टर में तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं कई छोटे और पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत सीमित दायरे में सिमटी हुई है।
भारत की आर्थिक ताकत को समझने के लिए राज्यों की यह तस्वीर बेहद अहम मानी जा रही है।
करीब 140 करोड़ की आबादी वाला भारत जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
अनुमान है कि साल 2028 तक भारत 5.7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। कारोबारी वर्ष 2025-26 में देश की रियल GDP ग्रोथ 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इस उपलब्धि में राज्यों की भूमिका बेहद अहम रही है।
Reserve Bank of India की Handbook of Statistics on Indian States के ताजा आंकड़ों के अनुसार, ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GSDP) के आधार पर Maharashtra एक बार फिर देश का सबसे अमीर राज्य बना हुआ है, जबकि Arunachal Pradesh सूची में सबसे नीचे है।
यह रैंकिंग मौजूदा कीमतों पर राज्यों के आर्थिक उत्पादन के आधार पर तय की गई है, जिससे पता चलता है कि किस राज्य में आर्थिक गतिविधियां कितनी मजबूत हैं।
देश के 10 सबसे अमीर राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (GSDP के आधार पर)
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Maharashtra – 45.32 लाख करोड़ रुपये
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Tamil Nadu – 31.19 लाख करोड़ रुपये
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Uttar Pradesh – 29.78 लाख करोड़ रुपये
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Karnataka – 28.84 लाख करोड़ रुपये
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West Bengal – 18.15 लाख करोड़ रुपये
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Rajasthan – 17.04 लाख करोड़ रुपये
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Telangana – 16.41 लाख करोड़ रुपये
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Andhra Pradesh – 15.93 लाख करोड़ रुपये
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Madhya Pradesh – 15.03 लाख करोड़ रुपये
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Delhi – 12.15 लाख करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से साफ है कि महाराष्ट्र इंडस्ट्री, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर के दम पर देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्था बना हुआ है। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की मजबूती ने तमिलनाडु को दूसरे स्थान पर बनाए रखा है, जबकि टेक्नोलॉजी और आईटी सेक्टर के कारण कर्नाटक शीर्ष राज्यों में शामिल है।
सबसे कम GSDP वाले 10 राज्य (नीचे से ऊपर)
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Arunachal Pradesh – 4,423 करोड़ रुपये
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Tripura – 8,968 करोड़ रुपये
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Himachal Pradesh – 23,169 करोड़ रुपये
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Jammu and Kashmir – 26,246 करोड़ रुपये
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Uttarakhand – 37,824 करोड़ रुपये
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Jharkhand – 51,626 करोड़ रुपये
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Chhattisgarh – 56,788 करोड़ रुपये
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Assam – 64,367 करोड़ रुपये
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Punjab – 83,864 करोड़ रुपये
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Odisha – 89,004 करोड़ रुपये
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि भारत की अर्थव्यवस्था भले ही तेजी से आगे बढ़ रही हो, लेकिन राज्यों के बीच आर्थिक असमानता अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। जहां कुछ राज्य इंडस्ट्री, आईटी और सर्विस सेक्टर में तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं कई छोटे और पहाड़ी राज्यों की अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत सीमित दायरे में सिमटी हुई है।
भारत की आर्थिक ताकत को समझने के लिए राज्यों की यह तस्वीर बेहद अहम मानी जा रही है।
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