नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान एक रोबोटिक डॉग के प्रदर्शन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि गलगोटियाज़ यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर प्रदर्शित चीनी रोबोडॉग को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की, जिसके बाद आईटी मंत्रालय ने कथित तौर पर यूनिवर्सिटी को अपना काउंटर खाली करने का निर्देश दिया।
मंत्रालय का दावा
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय के अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी को समिट में लगाए गए काउंटर को हटाने और स्थल खाली करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि स्टॉल से उपकरण भी हटा लिए गए हैं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक सार्वजनिक बयान की प्रतीक्षा है।
यूनिवर्सिटी का पक्ष
यूनिवर्सिटी की प्रतिनिधि डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें समिट छोड़ने के संबंध में कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है और वे निर्धारित अवधि तक प्रदर्शनी में मौजूद रहेंगे।
वहीं प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई बातें वायरल हो रही हैं, लेकिन संस्थान ने कहीं भी यह दावा नहीं किया कि रोबोडॉग का निर्माण उसने स्वयं किया है।
रोबोडॉग को लेकर विवाद
यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन में रखा गया रोबोडॉग चीनी कंपनी Unitree Robotics से खरीदा गया है और इसे छात्रों के लिए लर्निंग टूल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया गया था कि यह डिवाइस Unitree Go2 मॉडल है, जिसे ऑनलाइन लगभग 2–3 लाख रुपये में खरीदा जा सकता है, और इसे समिट में ‘ओरियन’ नाम से प्रदर्शित किया गया। कुछ यूज़र्स ने आरोप लगाया कि आयातित तकनीक को स्वदेशी नवाचार के रूप में पेश किया गया।
राहुल गांधी का बयान
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि भारत की प्रतिभा और डेटा का समुचित उपयोग करने के बजाय समिट “अव्यवस्थित पीआर कार्यक्रम” बन गया है।
फिलहाल पूरे मामले में आधिकारिक स्तर पर स्पष्टीकरण और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
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