जुबिली स्पेशल डेस्क
जिनेवा/तेहरान। ईरान ने दावा किया है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ चल रहे विवाद में कुछ मुख्य ‘गाइडिंग प्रिंसिपल्स’ पर सहमति बन गई है। हालांकि हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं और क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
जिनेवा में हुई अप्रत्यक्ष बातचीत के बाद अमेरिका की ओर से कहा गया कि वार्ता में प्रगति हुई है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी माना कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ी है, लेकिन अभी कई मुद्दों पर काम बाकी है।
इजराइल का बड़ा दावा
इस बीच एक इजराइली अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिका ने इजराइल को संकेत दिया है कि मौजूदा वार्ता से ठोस नतीजा निकलना मुश्किल है और सैन्य विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। अधिकारी के अनुसार, जिनेवा में ईरान और अमेरिका के बीच केवल दस्तावेजों का आदान-प्रदान हुआ, लेकिन किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बनी।
अधिकारी ने यह भी कहा कि ईरान अमेरिकी शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है और उसने पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं किया।
बढ़ता तनाव और सैन्य मौजूदगी
ईरान-अमेरिका संबंधों में हाल के महीनों में फिर से तनाव बढ़ा है। Donald Trump ने ईरान में हुए प्रदर्शनों के दौरान कड़े बयान दिए थे और परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख अपनाया था। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर लगाम नहीं लगाई, तो गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
इसी बीच, अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं और गहरा गई हैं।
ईरान की शर्त
वार्ता के दौरान ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर तभी सहमत होगा, जब उस पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएंगे। तेहरान का कहना है कि प्रतिबंधों में राहत के बिना किसी भी समझौते की संभावना कम है।
कुल मिलाकर, कूटनीतिक स्तर पर बातचीत जारी है, लेकिन अविश्वास और रणनीतिक दबाव के कारण हालात अब भी नाजुक बने हुए हैं।
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