Tuesday - 17 February 2026 - 9:34 AM

Surya Grahan 2026 : आज 17 फरवरी लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें समय, शुभ मुहूर्त और रिंग ऑफ फायर

जुबिली स्पेशल डेस्क

आज 17 फरवरी, मंगलवार को साल का पहला सूर्य ग्रहण 2026 लग रहा है। पंचांग के अनुसार यह वलयाकार सूर्य ग्रहण फाल्गुन अमावस्या के दिन शनि देव की राशि कुंभ में होगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाएगा, जिससे आकाश में “रिंग ऑफ फायर” का अद्भुत दृश्य दिखाई देगा। यह ग्रहण चार घंटे से अधिक समय तक प्रभावी रहेगा।

सूर्य ग्रहण का समय

  • प्रारंभ: दोपहर 3:26 बजे

  • चरम बिंदु (Peak): शाम 5:42 बजे

  • समापन: शाम 7:57 बजे

  • कुल अवधि: 4 घंटे 31 मिनट

सूतक काल और धार्मिक मान्यता

सूर्य ग्रहण के प्रारंभ से 12 घंटे पहले सूतक काल लगता है, जो ग्रहण के मोक्ष तक रहता है। इस अवधि में कोई शुभ कार्य नहीं किए जाते और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि, इस बार सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल मान्य नहीं है

धार्मिक दृष्टि से, सूर्य और चंद्र ग्रहण राहु और केतु के प्रभाव से लगते हैं। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की परंपरा है, ताकि ग्रहण का असर शिशु पर न पड़े।

आज का शुभ मुहूर्त और योग

फाल्गुन अमावस्या और भौमवती अमावस्या के अवसर पर आज कई धार्मिक क्रियाएं की जा रही हैं।

  • अभिजीत मुहूर्त: 12:13 PM – 12:58 PM

  • लाभ-उन्नति मुहूर्त: 11:11 AM – 12:35 PM

  • अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: 12:35 PM – 2:00 PM

  • आज पूरे दिन परिघ योग बना है, जो दुश्मनों के खिलाफ कदम उठाने में सफलता दिलाने वाला माना जाता है।

पूजा, स्नान और दान

आज सूर्य ग्रहण पर फाल्गुन अमावस्या के दिन पवित्र नदियों और घर पर स्नान कर दान-पुण्य करना शुभ माना गया है। पितरों के तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान भी किया जा रहा है, जिससे पितृ प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष का निवारण होता है।

कहां दिखेगा “रिंग ऑफ फायर”

सूर्य ग्रहण का चरम बिंदु यानी रिंग ऑफ फायर भारत में दिखाई नहीं देगा। यह मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, अंटार्कटिका, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, मॉरीशस, तंजानिया और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा। आंशिक सूर्य ग्रहण दक्षिण अटलांटिक, दक्षिणी प्रशांत महासागर और अंटार्कटिका के अन्य हिस्सों में दिखाई देगा।

खगोल विज्ञान का दृष्टिकोण

जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है तो पूर्ण सूर्य ग्रहण लगता है। यदि चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता और किनारे से प्रकाश निकलता है, तो इसे वलयाकार सूर्य ग्रहण कहते हैं और “रिंग ऑफ फायर” का दृश्य बनता है।

आज का सूर्य ग्रहण धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है। लाइव अपडेट में हम समय, स्थान, ज्योतिष उपाय और शुभ मुहूर्त से जुड़ी हर जानकारी साझा कर रहे हैं।

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