Wednesday - 11 February 2026 - 11:41 AM

इस देश ने टेलीविजन पर पूरी तरह लगाया बैन, जानें क्यों 

जुबिली न्यूज डेस्क 

एक ऐसे दौर में जब टेलीविजन दुनिया भर में मॉडर्न जिंदगी की पहचान बन चुका था, हिमालय की गोद में बसे छोटे से देश भूटान ने एक बिल्कुल अलग फैसला लिया। भूटान मॉडर्न इतिहास में दुनिया का आखिरी देश माना जाता है जिसने टेलीविजन की शुरुआत की। इतना ही नहीं, उसने दशकों तक टेलीविजन और इंटरनेट पर पूरी तरह से बैन लगा रखा था।

यह फैसला टेक्नोलॉजी या संसाधनों की कमी की वजह से नहीं था, बल्कि अपनी संस्कृति, बौद्ध परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को बचाने के लिए सोच-समझकर लिया गया कदम था।

भूटान ने टेलीविजन और इंटरनेट पर बैन क्यों लगाया?

भूटान के टेलीविजन और इंटरनेट पर लंबे समय तक लगे बैन का मुख्य कारण कल्चरल प्रोटेक्शन (Cultural Protection) था। भूटानी नेतृत्व को डर था कि विदेशी मीडिया—खासतौर पर वेस्टर्न एंटरटेनमेंट—के सीधे और अनियंत्रित प्रभाव से:

  • पारंपरिक बौद्ध मूल्यों पर असर पड़ेगा

  • स्थानीय भाषा और पहनावे में बदलाव आएगा

  • पारिवारिक और सामुदायिक संबंध कमजोर होंगे

  • युवा पीढ़ी तेजी से वेस्टर्न संस्कृति की ओर झुक जाएगी

उस समय जब ग्लोबलाइजेशन दुनिया को तेजी से बदल रहा था, भूटान ने तेजी के बजाय सावधानी को प्राथमिकता दी।

बिना वेस्टर्नाइजेशन के मॉडर्नाइजेशन

भूटान की नीति का मूल विचार था —“Modernization without Westernization” (पश्चिमीकरण के बिना आधुनिकीकरण)। भूटान के नीति-निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं। देश आधुनिक बनना चाहता था, लेकिन अपनी पहचान खोकर नहीं।

उनका मानना था कि सैटेलाइट टेलीविजन:

  • वैल्यू सिस्टम को बहुत तेजी से बदल सकता है

  • उपभोक्तावाद (Consumerism) को बढ़ावा दे सकता है

  • सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है

भूटान की विकास नीति “Gross National Happiness (GNH)” यानी सकल राष्ट्रीय खुशी पर आधारित रही है, जो आर्थिक विकास से ज्यादा सामाजिक और सांस्कृतिक संतुलन को महत्व देती है।

1989: सख्ती से लागू किया गया बैन

भूटान में टीवी बैन सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि पूरी तरह सख्ती से लागू किया गया था।

  • 1989 में सरकार ने पूरे देश में सभी टेलीविजन एंटीना और सैटेलाइट डिश हटाने का आदेश दिया।

  • पहले से लगे उपकरणों को हटाकर नष्ट करने को कहा गया।

  • विदेशी प्रसारण पूरी तरह बंद कर दिए गए।

इसके बाद भूटान कई वर्षों तक वैश्विक ब्रॉडकास्ट मीडिया से लगभग पूरी तरह अलग रहा।

आखिरकार 1999 में कैसे आया टेलीविजन?

करीब एक दशक तक मीडिया से दूर रहने के बाद, भूटान ने जून 1999 में टेलीविजन और इंटरनेट पर लगी पाबंदी हटा दी। यह फैसला अचानक नहीं था, बल्कि एक कंट्रोल्ड मॉडर्नाइजेशन स्ट्रेटजी का हिस्सा था। उस समय के राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक ने इसे व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी।

भूटान ब्रॉडकास्टिंग सर्विस (BBS) की शुरुआत

  • 1999 में Bhutan Broadcasting Service (BBS) को देश के पहले और एकमात्र राष्ट्रीय टेलीविजन ब्रॉडकास्टर के रूप में लॉन्च किया गया।

  • यह भूटान में आधिकारिक टीवी प्रसारण की शुरुआत थी।

पहला बड़ा टेलीविजन ब्रॉडकास्ट

दिलचस्प बात यह है कि भूटान का पहला बड़ा टीवी प्रसारण कोई स्थानीय कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक वैश्विक इवेंट था —
1998 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल। इस मैच का प्रसारण देशभर में किया गया और यही भूटान में टेलीविजन युग की प्रतीकात्मक शुरुआत बन गया।

क्या बैन का असर पड़ा?

टीवी और इंटरनेट आने के बाद भूटान में:

  • शहरीकरण की गति बढ़ी

  • युवाओं में नई लाइफस्टाइल का प्रभाव दिखा

  • उपभोक्तावाद और पॉप कल्चर का विस्तार हुआ

हालांकि, भूटान आज भी अपनी पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सख्त सांस्कृतिक नीतियां अपनाता है।भूटान का टेलीविजन और इंटरनेट पर बैन लगाना आधुनिक इतिहास का एक अनोखा उदाहरण है। यह फैसला टेक्नोलॉजी से दूरी का नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को बचाने का प्रयास था। 1999 में जब टीवी की शुरुआत हुई, तो वह भी पूरी सावधानी और नियंत्रित रणनीति के तहत की गई।

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भूटान की कहानी यह दिखाती है कि विकास का एक अलग मॉडल भी संभव है — जहां तरक्की के साथ-साथ संस्कृति और सामाजिक संतुलन को भी उतनी ही अहमियत दी जाती है।

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