जुबिली स्पेशल डेस्क
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को मंगलवार (10 फरवरी, 2026) को एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई। यह मामला धोखाधड़ी के आरोप में मकान किराए पर लेने और उस पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने से जुड़ा है।
इस संबंध में मकान मालिक ने पटना के गर्दनीबाग थाने में केस दर्ज कराया था। इसी मामले में पप्पू यादव को तीन दिन पहले गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
गौरतलब है कि शुक्रवार रात गिरफ्तारी के दौरान सांसद पप्पू यादव और पुलिसकर्मियों के बीच बहस भी हुई थी। इस दौरान पप्पू यादव ने आशंका जताई थी कि उन्हें जान का खतरा है और उन्होंने रात में थाने जाने से इनकार करते हुए कहा था कि उनके पास गिरफ्तारी से जुड़ा कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं दिखाया गया है और वे इसके खिलाफ अदालत का रुख करेंगे।
दरअसल, पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में जमानत शर्तों के उल्लंघन के कारण गिरफ्तार किया गया है। यह मामला वर्ष 1995 में पटना के शास्त्री नगर थाना में दर्ज किया गया था। केस संख्या 552/1995 और जीआर संख्या 775/03 है। इस मामले में 30 अप्रैल 1996 को संज्ञान लिया गया था और 11 सितंबर 1998 को आरोप भी तय हो चुके थे।
आरोप है कि वर्ष 1994 में सांसद बनने के बाद पप्पू यादव ने पटना में कार्यालय के लिए एक मकान किराए पर लिया था, जिसे रहने के नाम पर लिया गया लेकिन बाद में उसे कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया। मकान मालिक का आरोप था कि रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही से उन्हें परेशानी हो रही थी और बार-बार कहने के बावजूद मकान खाली नहीं किया गया। इसके बाद मकान मालिक ने केस दर्ज कराया था।
इस मामले में पप्पू यादव के अलावा दो अन्य लोगों के नाम भी आरोपी के रूप में दर्ज हैं। अदालत में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जब इसके बावजूद वे कोर्ट में पेश नहीं हुए, तो अदालत ने उनकी संपत्तियों की कुर्की का आदेश भी पारित कर दिया था।
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