जुबिली न्यूज डेस्क
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बीच एक गंभीर और चिंताजनक घटनाक्रम सामने आया है। घाटी में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने कश्मीरी पंडित समुदाय को धमकी भरा पत्र जारी किया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस पत्र को आतंकी साजिश के तौर पर गंभीरता से लिया है।

बताया जा रहा है कि लश्कर के बाज़ दस्ते की ओर से जारी यह पत्र अंग्रेज़ी भाषा में लिखा गया है, जिसमें कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाते हुए पहले हुए आतंकी हमलों का हवाला दिया गया है। पत्र में समुदाय के सदस्यों को कथित रूप से “अंजाम भुगतने” की चेतावनी दी गई है।
पहले हुए हमलों का जिक्र कर डराने की कोशिश
आतंकी संगठन ने पत्र में राहुल पंडित, माखन लाल बिंदरू समेत अन्य पीड़ितों का उल्लेख करते हुए कहा है कि चेतावनियों को अनदेखा करने का यही परिणाम होता है। पत्र के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि जो लोग कथित तौर पर सरकार के साथ सहयोग कर रहे हैं, वे निशाने पर हैं।
जनसांख्यिकी बदलने का आरोप
लश्कर-ए-तैयबा ने अपने पत्र में केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर की जनसांख्यिकी बदलने का आरोप भी लगाया है। संगठन ने दावा किया है कि कश्मीरी पंडितों का उपयोग स्थानीय कश्मीरियों को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। साथ ही, सरकारी नीतियों को लेकर भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस धमकी के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और बस्तियों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है। खुफिया एजेंसियां पत्र की प्रामाणिकता, इसके स्रोत और इससे जुड़े नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों की ऐसी धमकियों का उद्देश्य डर का माहौल बनाना और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाना है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
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