जुबिली न्यूज डेस्क
संसद के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सदन में बड़े सियासी संग्राम में तब्दील हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इसी किताब के जरिए चीन की कथित घुसपैठ का मुद्दा उठाकर सरकार पर हमला कर रहे हैं, जबकि जवाब में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी किताबों के साथ मैदान में उतर आए।

किताबों के इस टकराव ने ऐसा तूल पकड़ा कि सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया। हालात यहां तक पहुंच गए कि शाम 5 बजे प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण भी नहीं हो सका। दिनभर चले हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात पीएम के संभावित भाषण से पहले हुई। इसके अलावा अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के साथ भी चर्चा की, जिसमें बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे।
निशिकांत दुबे के बयान से बिगड़े हालात
सदन में हंगामे की बड़ी वजह बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का वह बयान रहा, जिसमें उन्होंने गांधी परिवार से जुड़ी विवादित किताबों का जिक्र किया। इन टिप्पणियों पर विपक्ष भड़क गया और नारेबाजी शुरू हो गई, जिसके चलते कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसद स्पीकर ओम बिरला के चैंबर पहुंचे और सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी को किताब के हवाले से बोलने की अनुमति नहीं दी गई, तो निशिकांत दुबे को क्यों बोलने दिया गया।
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उधर, राहुल गांधी भी सरकार पर लगातार हमलावर रहे। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात देखकर लगता नहीं कि प्रधानमंत्री आज सदन में आएंगे। राहुल ने यह भी कहा कि अगर पीएम संसद आएंगे तो वह व्यक्तिगत रूप से उन्हें नरवणे की किताब सौंपेंगे। कुल मिलाकर, बजट सत्र का यह दिन बहस से ज्यादा हंगामे और आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गया।
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