जुबिली न्यूज डेस्क
नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और जलवायु संकट के बीच जिम्मेदार देशों की सूची 2026 जारी कर दी गई है। यह रिपोर्ट वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल फाउंडेशन (WIF) ने 19 जनवरी को प्रकाशित की। रिपोर्ट में सिंगापुर को दुनिया का सबसे जिम्मेदार देश घोषित किया गया है।

सिंगापुर ने शासन, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर की नीतियां न केवल अपने नागरिकों के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर भी जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करती हैं।
टॉप 3 में कौन-कौन?
इस वैश्विक सूची में
-
स्विट्जरलैंड दूसरे स्थान पर
-
डेनमार्क तीसरे स्थान पर रहा
इन देशों को ईमानदार प्रशासन, मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रणाली और वैश्विक जिम्मेदारी निभाने के लिए सराहा गया है।
क्यों अलग है यह रैंकिंग?
Responsible Countries Index सामान्य वैश्विक रैंकिंग से अलग है। इसमें
-
केवल आर्थिक ताकत
-
या सैन्य शक्ति
को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि यह आकलन किया गया कि कोई देश अपने नागरिकों और पूरी दुनिया के लिए कितना जिम्मेदार व्यवहार करता है।
किन आधारों पर हुई रैंकिंग?
इस इंडेक्स में दुनिया के 154 देशों को चार मुख्य पैमानों पर परखा गया:
-
ईमानदार और पारदर्शी शासन व्यवस्था
-
लोगों की सामाजिक भलाई
-
पर्यावरण संरक्षण
-
दुनिया के प्रति जिम्मेदारी और सहयोग
बड़ी ताकतें पीछे क्यों?
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस सूची में अपेक्षाकृत पीछे रहीं।
-
अमेरिका को 66वां
-
चीन को 68वां
-
पाकिस्तान को 90वां स्थान मिला
इससे साफ होता है कि केवल पैसा और ताकत ही जिम्मेदारी की पहचान नहीं है।
यूरोप आगे, संघर्ष वाले देश सबसे पीछे
यूरोप के कई देश इस सूची में शीर्ष स्थानों पर हैं, जो वहां बेहतर शासन और सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
वहीं युद्ध और संकट से जूझ रहे देशों की स्थिति बेहद कमजोर रही।
-
सीरिया 153वें
-
यमन 151वें स्थान पर रहा
ये देश सूची में सबसे निचले पायदान पर हैं।
भारत की स्थिति
भारत को इस सूची में 16वां स्थान मिला है और भारत का कुल स्कोर 0.5515 रहा। रिपोर्ट के अनुसार भारत ने
-
स्वास्थ्य सेवाओं
-
सामाजिक समानता
-
पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं
-
और जन-केंद्रित नीतियों
में अच्छा प्रदर्शन किया है।
हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि लंबे समय तक बेहतर रैंक बनाए रखने के लिए भारत को संतुलित विकास और निरंतर नीतिगत सुधारों पर ध्यान देना होगा।
ये भी पढ़ें-RBI बैठक से पहले फिसला रुपया, डॉलर के मुकाबले 90.43 पर पहुंचा
क्या कहती है यह रिपोर्ट?
WIF की यह रिपोर्ट साफ संदेश देती है कि
जिम्मेदारी केवल ताकत से नहीं, बल्कि सही नीतियों, पारदर्शी शासन और लोगों के हित में किए गए काम से बनती है।
Jubilee Post | जुबिली पोस्ट News & Information Portal
