जुबिली स्पेशल डेस्क
नई दिल्ली: संसद में सोमवार को उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भाषण देने के लिए खड़े हुए। उनके बोलने से पहले ही सदन में शोर-शराबा बढ़ गया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में मौजूद थे और बहस के दौरान उन्होंने भी हस्तक्षेप किया।
पहली बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस नेताओं का राहुल गांधी के संसद स्थित कार्यालय पहुंचना शुरू हो गया।
राहुल के दफ्तर पहुंचने के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी वहां पहुंचे। संसद से बाहर जा चुकी प्रियंका गांधी को भी वापस बुलाया गया। इसी दौरान के.सी. वेणुगोपाल भी बैठक में शामिल हो गए।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दृश्य तब सामने आया, जब शशि थरूर भी इस बैठक में भाग लेने राहुल गांधी के कमरे में पहुंचे। बाद में लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई भी वहां पहुंचे। राहुल गांधी के कार्यालय में यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली।
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के बीच हुई बैठक के बाद यह पहली बार था जब थरूर किसी बैठक में राहुल गांधी के साथ नजर आए। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों नेताओं के बीच चली आ रही दूरी अब कम हो रही है।
#WATCH | Delhi: On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi's statement inside the Parliament, Congress MP Shashi Tharoor says, "I think there was an overreaction by the government side because as far as I understood, what Rahul ji wished to raise was a matter that is already in the public… pic.twitter.com/NEZErgVgQV
— ANI (@ANI) February 2, 2026
थरूर ने किया राहुल गांधी का बचाव
बैठक के बाद शशि थरूर ने सदन के बाहर राहुल गांधी का खुलकर बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद में अपनी बात रखने का मौका ही नहीं दिया गया। थरूर ने स्पष्ट किया कि जिस लेख का जिक्र राहुल करना चाहते थे, वह सुरक्षा बलों पर नहीं, बल्कि सरकार के फैसलों पर केंद्रित था।
थरूर ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी जो कह रहे थे, वह सारी जानकारी पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में मौजूद है। उदाहरण देते हुए थरूर ने कहा कि चीन युद्ध के दौरान भी जवाहरलाल नेहरू ने संसद में चर्चा की अनुमति दी थी।
बदले-बदले नजर आए शशि थरूर
शशि थरूर का यह रुख राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि अब तक वह ऐसे विवादों पर खुलकर बोलने से बचते रहे हैं। कांग्रेस के भीतर यह चर्चा भी है कि खरगे और राहुल गांधी के साथ हुई बंद कमरे की बैठक में थरूर को केरल चुनाव को लेकर कोई राजनीतिक आश्वासन दिया गया है।
पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि केरल के राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए थरूर का यह बदला हुआ रुख कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
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