जुबिली स्पेशल डेस्क
आज देश का आर्थिक भविष्य तय होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार का 15वां पूर्ण बजट पेश करने के लिए संसद पहुंच चुकी हैं। बजट की औपचारिक कॉपी राष्ट्रपति को सौंपी जा चुकी है, लेकिन सदन में घोषणाओं से पहले ही बाजारों में हलचल तेज हो गई है।
बाजार की प्रतिक्रिया: बजट से पहले ‘लाल निशान’
बजट भाषण शुरू होने से पहले ही निवेशकों में बेचैनी देखी जा रही है:
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शेयर बाजार: शुरुआती कारोबार में ही बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
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सर्राफा बाजार: बजट की संभावनाओं के बीच सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस बजट के 5 बड़े स्तंभ
सूत्रों के मुताबिक, इस बार वित्त मंत्री का पूरा ध्यान ‘पार्ट-B’ पर है, जो भारत के दीर्घकालिक विकास की नींव रखेगा। मुख्य फोकस इन क्षेत्रों पर रहने की उम्मीद है:
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इन्फ्रास्ट्रक्चर: आधुनिक परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क।
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मैन्युफैक्चरिंग: ‘मेक इन इंडिया’ को नई ऊंचाई पर ले जाना।
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रोजगार: नई रोजगार गारंटी योजनाओं का ऐलान संभव।
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ग्रामीण विकास: गांवों की अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ना।
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एक्सपोर्ट: स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए रणनीतिक मदद।
EU-भारत FTA: क्या गाड़ियां सस्ती होंगी?
यूरोपीय संघ (EU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि:
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इसका मुख्य लाभ लक्जरी कारों के सेगमेंट में मिलेगा।
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आम उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कमी आने में अभी लगभग एक साल का समय लग सकता है।
यह बजट सिर्फ एक वित्तीय लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ने का एक विस्तृत खाका (Blueprint) है।
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