जुबिली न्यूज डेस्क
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षामित्रों को बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य कर्मचारियों की तरह अब शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। गुरुवार को लोकभवन, लखनऊ में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है।
आज कैबिनेट बैठक में हो सकता है फैसला
सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह 11 बजे कैबिनेट की अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में शिक्षा विभाग से जुड़े इस प्रस्ताव सहित 29 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, योजना के तहत शिक्षकों और शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
करीब 8 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लगभग 8 लाख से ज्यादा शिक्षक, शिक्षामित्र और शिक्षा से जुड़े अन्य कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
योजना के दायरे में शामिल किए जाएंगे:
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अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक
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स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक
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बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक
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शिक्षामित्र, अनुदेशक, वार्डन और रसोइया
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इनके साथ ही आश्रित परिवार के सदस्य भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे
आयुष्मान भारत मॉडल पर बनेगी योजना
शिक्षा विभाग इस स्वास्थ्य योजना को आयुष्मान भारत योजना के मॉडल पर लागू करने की तैयारी कर रहा है।
इलाज की प्रक्रिया पूरी तरह कैशलेस होगी, जिससे गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में शिक्षकों को जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षक दिवस पर किया गया था वादा
प्रदेश में लंबे समय से शिक्षकों के लिए कैशलेस इलाज की मांग उठ रही थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। अब इसे औपचारिक रूप से लागू करने की दिशा में कैबिनेट से मंजूरी मिलने वाली है।
अन्य प्रस्तावों पर भी होगी चर्चा
आज की कैबिनेट बैठक में इसके अलावा:
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जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण
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मोटर वाहन इंस्पेक्टर के 351 पदों पर भर्ती
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और अन्य अहम नीतिगत प्रस्तावों पर भी चर्चा की जाएगी।
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