जुबिली न्यूज डेस्क
प्रयागराज: माघ मेला में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन सोमवार 19 जनवरी को भी जारी है। इस विवाद ने प्रशासन और सियासत दोनों में हलचल मचा दी है। आज दोपहर 12 बजे शंकराचार्य प्रेस वार्ता करेंगे।

माघ मेला में क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो और CCTV फुटेज में दिख रहा है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का काफिला बैरिकेड तोड़ते हुए स्नान घाट की ओर बढ़ा, जबकि लाखों श्रद्धालु पहले से मौजूद थे। प्रशासन ने काफिले को रोकने की कोशिश की।
स्वामी के समर्थकों का दावा है कि प्रशासन ने जानबूझकर उन्हें स्नान से रोका। मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने कहा कि समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें धक्का देकर और कुछ संतों को पीटकर रोकने की कोशिश की।
सपा ने जताया विरोध
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि यह सदियों से चली आ रही शाही स्नान परंपरा में विघ्न डालने जैसा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि प्रशासन संवेदनहीन है और पूरे मामले की तत्काल जांच होनी चाहिए।
यादव ने कहा:”मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नई परंपरा नहीं है। भाजपा सरकार का कुशासन और नाकाम प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार है।”
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि स्वामी ने बिना अनुमति 200-250 समर्थकों के साथ पुल नंबर दो का अवरोधक तोड़कर स्नान घाट की तरफ प्रवेश किया। भीड़ को देखते हुए रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, स्वामी ने बिना स्नान किए ही वापस लौटने का निर्णय लिया।
क्या आगे होगा?
शंकराचार्य आज दोपहर प्रेस वार्ता करेंगे, जिसमें वे पूरे मामले पर अपने पक्ष को रखेंगे। सियासी और धार्मिक प्रतिष्ठान दोनों ही इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं।
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का अनशन जारी
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CCTV में काफिला बैरिकेड तोड़ते हुए दिखा
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सपा ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया
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पुलिस ने बिना अनुमति काफिले को रोकने की बात कही
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आज दोपहर प्रेस वार्ता में शंकराचार्य अपना पक्ष रखेंगे
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