जुबिली न्यूज डेस्क
रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय पर हाल ही में हुई पुलिस रेड पहली नजर में पहले से प्लान की हुई लगती है। जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने ED की तरफ से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया कि ED ऑफिस और उसके अधिकारियों की सुरक्षा के लिए CRPF/BSF या अन्य पैरामिलिट्री फोर्स को तैनात किया जाए।

झारखंड पुलिस की कार्रवाई पर रोक
ED के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि अदालत ने सुनवाई के बाद—
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रांची पुलिस की कार्रवाई को तत्काल प्रभाव से रोका
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राज्य सरकार को 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया
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निजी रेस्पॉन्डेंट संतोष कुमार को 10 दिनों में जवाब दाखिल करने का आदेश
सुरक्षा अब केंद्रीय अर्धसैनिक बल जिम्मेदारी में
कोर्ट ने आदेश दिया कि ED कार्यालय की सुरक्षा अब केंद्रीय अर्धसैनिक बल (CISF, CRPF या BSF) को सौंपी जाएगी।
इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए अगली तारीख 9 फरवरी निर्धारित की गई है।
ED ने CBI जांच की मांग की
एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि—
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रांची जोनल ऑफिस में झारखंड पुलिस की रेड सही प्रक्रिया का पालन नहीं करती प्रतीत होती
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ED ने इस कार्रवाई की CBI जांच की मांग की
यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PHED के एक कर्मचारी द्वारा एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने के बाद हुई थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हुई है—
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BJP ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी केंद्रीय जांच एजेंसी की आजादी पर हमला है।
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केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि कार्रवाई एक मल्टी-करोड़ घोटाले में शामिल आरोपी की शिकायत पर हुई थी, जो पहले ही 18 महीने जेल में रह चुका है।
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विपक्षी नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आरोपी को बचाने की कोशिश कर रही है।
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