यशोदा श्रीवास्तव
काठमांडू।रविवार को काठमांडू स्थित भृकुटी मंडप में शुरू हुए नेपाली कांग्रेस के दो दिवसीय विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में मौजूदा अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा का शामिल न होना चर्चा का विषय बना रहा। अधिवेशन में उन्हें विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। पार्टी अध्यक्ष देउबा के अनुपस्थित रहने से अधिवेशन का शुभारंभ पार्टी महामंत्री गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा ने किया। अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष पूर्ण बहादुर खड़का तथा कोइराला परिवार के वरिष्ठ सदस्य और नेपाली कांग्रेस नेता शेखर कोइराला भी अनुपस्थिति रहे। अधिवेशन में हालांकि देउबा के समर्थक भारी संख्या में मौजूद थे।
प्रतिनिधि सभा के बीच चुनाव में नेपाली कांग्रेस का यह अधिवेशन भारी अंतर्विरोध और असंतोष के बीच आयोजित हुआ है। जेन जी आंदोलन के बाद पार्टी में खासकर युवा नेताओं में देउबा को लेकर असंतोष था। वे राष्ट्रीय अधिवेशन की मांग और पार्टी नेतृत्व के बदले जाने पर अड़े थे। देउबा इसे टालते रहे। अंततः पार्टी के दोनों महामंत्री थापा और शर्मा ने अधिवेशन की घोषणा कर दी। अधिवेशन में जिस तरह भारी संख्या में केंद्रीय समिति के सदस्यों और नेताओं ने अपनी मौजूदगी दिखाई उससे लगता है कि अधिवेशन की मांग केवल किसी एक या दो व्यक्ति की नहीं, अधिकांश सदस्यों और नेताओं की भी इच्छा थी। विशेष महाधिवेशन में कांग्रेस के पूर्व उपसभापति गोपाल मान श्रेष्ठ, डिला संग्रौला, चिनकाजी श्रेष्ठ, पुष्पा भुसाल, चंद्र भंडारी, केदार कार्की, उदय शमशेर राणा, विनोद चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि खास तौर पर शामिल हुए।
विशेष महाधिवेशन के तहत पहले सत्र में पार्टी के आंतरिक मामलों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और आवश्यक निर्णय भी लिए गए। जिसमें खास तौर पर नेतृत्व परिवर्तन और चुनाव में पार्टी की भूमिका शामिल हैं। अधिवेशन के अंदर से मिली खबर के अनुसार अधिकांश सदस्यों ने पार्टी नेतृत्व में बदलाव की आवाज बुलंद की।
पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष देउबा पक्ष की असहमति के बावजूद विशेष महाधिवेशन आयोजित किए जाने पर पार्टी में विभाजन की

आशंका पर आयोजकों का कहना है कि इससे पार्टी में विभाजन नहीं होगा, बल्कि कांग्रेस और अधिक मजबूत और एकजुट होकर आगे बढ़ेगी।उद्घाटन के बाद विशेष महाधिवेशन का दूसरा सत्र (सोमवार) को भृकुटीमंडप के सभा हॉल में आयोजित किया जाएगा जिसमें पार्टी अध्यक्ष के चुनाव सहित तमाम बिंदुओं पर चर्चा होगी।
पार्टी का नियमित महाधिवेशन तय समय पर न हो पाने के बाद महाधिवेशन प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर एकत्र कर पार्टी विधान की धारा 17 (2) के अनुसार विशेष महाधिवेशन की मांग की गई थी। इसके तहत केंद्रीय समिति के 55 प्रतिशत सदस्यों की सहमति पर अधिवेशन बुलाया जा सकता है।
इसी क्रम में महामंत्री द्वय गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में विशेष महाधिवेशन आयोजित किया गया है। वहीं नेपाली कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष देउबा के पक्ष का कहना है कि नियमित महाधिवेशन की तिथि पहले ही तय हो चुकी है, इसलिए यह विशेष महाधिवेशन अस्वीकार्य है। देउबा पक्ष का कहना है कि अधिवेशन की तिथि चुनाव बाद तय की जा चुकी है इसलिए यह अधिवेशन औचित्य हीन है।
देउबा के निकटवर्ती नेताओं ने आरोप लगाया है कि विधान के विपरीत महाधिवेशन आयोजित कर चुनाव से पहले पार्टी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल भारी अंतर्विरोध के बीच आयोजित इस अधिवेशन के दूसरे दिन सोमवार को पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा जिसमें गगन थापा और विश्व प्रकाश शर्मा के नाम की चर्चा तेज है।
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